
MMC के निर्देश के अनुसार, डॉक्टरों को 31 अक्टूबर 2026 तक इस व्यवस्था का पालन करना होगा। QR कोड पट्टिका अस्पताल या चिकित्सालय में ऐसे स्थान पर लगानी होगी, जहां मरीज उसे आसानी से देख और स्कैन कर सकें।
मोबाइल से तुरंत जांच सकेंगे डॉक्टर का पंजीकरण
नई व्यवस्था के तहत मरीज अपने मोबाइल फोन से QR कोड स्कैन कर डॉक्टर के पंजीकरण से जुड़ी जानकारी तुरंत देख सकेंगे। इससे यह पता लगाया जा सकेगा कि संबंधित डॉक्टर का महाराष्ट्र चिकित्सा परिषद में पंजीकरण वैध है या नहीं।
परिषद का मानना है कि QR कोड आधारित यह व्यवस्था मरीजों को सही चिकित्सक की पहचान करने में मदद करेगी। साथ ही, इससे बिना वैध पंजीकरण के चिकित्सा सेवाएं देने वाले लोगों की पहचान करने और उन पर कार्रवाई करने में भी मदद मिल सकती है।
QR कोड की फोटो या डिजिटल कॉपी मान्य नहीं
MMC ने स्पष्ट किया है कि QR कोड पट्टिका का केवल फोटो, उसकी प्रिंटेड कॉपी या मोबाइल में रखी डिजिटल तस्वीर मान्य नहीं होगी। डॉक्टरों को परिषद की निर्धारित प्रक्रिया के तहत आधिकारिक QR कोड पट्टिका प्राप्त करनी होगी और उसे अपने कार्यस्थल पर प्रदर्शित करना होगा।
परिषद ने नियमों के उल्लंघन पर चरणबद्ध कार्रवाई का प्रावधान किया है। शिकायत के आधार पर जांच के बाद पहली बार नियम तोड़ने पर संबंधित डॉक्टर को चेतावनी पत्र जारी किया जाएगा।
दूसरी बार उल्लंघन पर 5 हजार रुपये जुर्माना
दूसरी बार नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर महाराष्ट्र डॉक्टर पर 5,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। परिषद के मुताबिक, इस पहल का उद्देश्य मरीजों को डॉक्टर की पहचान और पंजीकरण की जानकारी आसानी से उपलब्ध कराना तथा चिकित्सा क्षेत्र में पारदर्शिता बढ़ाना है।



