
मुंबई ( दैनिक दिव्य हिन्दी : आम नागरिकों की शिकायतों और समस्याओं का स्थानीय स्तर पर ही समाधान हो तथा उन्हें अपनी फरियाद लेकर मंत्रालय के चक्कर न लगाने पड़ें, इसके लिए महाराष्ट्र शासन के राजस्व विभाग ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।
राजस्व विभाग द्वारा जारी शासन निर्णय क्रमांक बैठक-2026/प्र.क्र.72/समन्वय-03, दिनांक 9 सितंबर 2026 के अनुसार, जिलाधिकारी, उपजिलाधिकारी, उपविभागीय अधिकारी, तहसीलदार और नायब तहसीलदार को प्रत्येक कार्यालयीन कार्यदिवस में दोपहर 3 से 5 बजे तक का समय नागरिकों से मुलाकात और उनकी शिकायतों के निवारण के लिए अनिवार्य रूप से आरक्षित रखना होगा।
इस दौरान अधिकारी नागरिकों की समस्याएं सुनेंगे और उनकी शिकायतों के समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई करेंगे। शासन का उद्देश्य क्षेत्रीय कार्यालयों में अधिकारियों की उपलब्धता सुनिश्चित कर लोकाभिमुख प्रशासन को मजबूत करना है।
3 से 5 बजे तक बैठक और VC नहीं
शासन के निर्देश के अनुसार नागरिकों के लिए आरक्षित इस दो घंटे की अवधि में कोई आंतरिक बैठक अथवा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) आयोजित नहीं की जाएगी, ताकि अधिकारी नागरिकों को पूरा समय दे सकें।
कार्यालय में लगाना होगा सूचना फलक
नागरिकों को इस व्यवस्था की जानकारी मिले, इसके लिए कार्यालय के प्रवेश द्वार और संबंधित अधिकारी के कक्ष के बाहर 3 से 5 बजे तक की आरक्षित समयावधि दर्शाने वाला सूचना फलक प्रमुखता से लगाना होगा।
इसके अलावा कार्यालय में आने वाले नागरिकों के लिए केंद्रीय अभ्यागत पंजी रखने के भी निर्देश दिए गए हैं।
शासन के इस निर्णय से तहसील, प्रांत एवं जिला स्तर के राजस्व कार्यालयों में अपनी शिकायत लेकर पहुंचने वाले नागरिकों को सीधे संबंधित अधिकारियों से मिलने का निश्चित समय उपलब्ध होगा।



