महाराष्ट्र में 28 अगस्त से लागू होगा धर्म स्वातंत्र्य कानून, जबरन धर्मांतरण पर होगी सख्त कार्रवाई

मुंबई- महाराष्ट्र में धर्म स्वातंत्र्य कानून, 2026 आगामी 28 अगस्त 2026 से लागू हो जाएगा। राज्य सरकार ने कानून को प्रभावी करने के लिए अधिसूचना जारी कर दी है। इससे पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 31 जुलाई को संबंधित विधेयक को मंजूरी दी थी। राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद अब राज्य सरकार ने कानून लागू होने की तारीख निर्धारित कर दी है।नए कानून का मुख्य उद्देश्य बल प्रयोग, धोखे, गलत जानकारी, धमकी, दबाव, अनुचित प्रभाव या किसी प्रकार के लालच के जरिए कराए जाने वाले धर्मांतरण पर रोक लगाना है। ऐसे मामलों को कानून के तहत गैरकानूनी माना जाएगा और दोषी पाए जाने पर 7 साल तक की सजा का प्रावधान है।

नौकरी और मुफ्त शिक्षा का लालच भी दायरे में

कानून में धर्मांतरण के लिए दिए जाने वाले विभिन्न प्रकार के प्रलोभनों को भी शामिल किया गया है। आर्थिक लाभ, नौकरी, मुफ्त शिक्षा अथवा शादी का वादा जैसे प्रलोभन भी इसके दायरे में आ सकते हैं। ऐसे माध्यमों से धर्म परिवर्तन कराने पर कानूनी कार्रवाई का प्रावधान किया गया है।

स्वेच्छा से धर्म परिवर्तन के लिए 60 दिन पहले सूचना

कानून के अनुसार, अपनी इच्छा से धर्म परिवर्तन करने वाले व्यक्ति को प्रस्तावित धर्मांतरण की तारीख से कम से कम 60 दिन पहले जिलाधिकारी या अधिकृत अधिकारी को सूचना देनी होगी। धर्मांतरण का आयोजन कराने वाले व्यक्ति या संस्था के लिए भी निर्धारित प्रक्रिया के तहत पूर्व सूचना देना आवश्यक होगा।

प्रस्तावित धर्मांतरण की जानकारी होगी सार्वजनिक

प्रस्तावित धर्मांतरण से संबंधित जानकारी सार्वजनिक किए जाने का प्रावधान भी है, ताकि संबंधित व्यक्ति या अन्य पक्ष अपनी आपत्ति दर्ज करा सकें। यदि किसी मामले में आपत्ति प्राप्त होती है, तो पुलिस द्वारा जांच की जा सकती है। जांच के बाद कानून में निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

28 अगस्त से नया कानूनी ढांचा प्रभावी

राज्य सरकार की अधिसूचना के बाद 28 अगस्त 2026 से महाराष्ट्र में धर्म स्वातंत्र्य कानून, 2026 प्रभावी हो जाएगा। इसके लागू होने के साथ जबरन, धोखे, दबाव या अनुचित प्रभाव के जरिए कराए जाने वाले धर्मांतरण के मामलों में कार्रवाई के लिए नया कानूनी ढांचा अस्तित्व में आ जाएगा।राज्य में इस कानून के लागू होने के बाद स्वेच्छा से धर्म परिवर्तन और अवैध या दबावपूर्वक कराए जाने वाले धर्मांतरण के बीच कानूनी प्रक्रिया के आधार पर अंतर किया जाएगा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here