यवतमाल- किसानों के साथ धोखाधड़ी कर उर्वरक के नाम पर मिट्टी बेचने का चौंकाने वाला मामला यवतमाल जिले में सामने आया है। कृषि आयुक्तालय, विभागीय कृषि सहसंचालक कार्यालय और जिला कृषि विभाग की संयुक्त टीम ने भोयर एमआईडीसी क्षेत्र में देर रात छापेमारी कर 24 लाख 73 हजार 450 रुपये मूल्य का अवैध उर्वरक भंडार जब्त किया है। इस मामले में उर्वरक निर्माता समेत तीन लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
कृषि विभाग को मिली गुप्त सूचना के आधार पर संयुक्त टीम ने भोयर एमआईडीसी स्थित प्लॉट क्रमांक 53/1 पर छापा मारा। जांच के दौरान पाया गया कि ‘ओम एग्रो ऑर्गेनिक्स’ कंपनी को एमआईडीसी के एक अन्य स्थान का लाइसेंस प्राप्त था, लेकिन वास्तविक उत्पादन और भंडारण किसी दूसरी जगह पर किया जा रहा था। साथ ही बिना वैध अनुमति के बड़े पैमाने पर उर्वरक निर्माण और भंडारण भी किया जा रहा था।
बड़े रैकेट के सक्रिय होने की संभावना
कार्रवाई के दौरान 2,151 बैग अवैध उर्वरक जब्त किए गए, जिनका कुल वजन 107.55 टन बताया गया है। जब्त सामग्री की कुल कीमत 24 लाख 73 हजार 450 रुपये आंकी गई है।प्राथमिक जांच में यह भी आशंका जताई गई है कि संबंधित उत्पादकों द्वारा उर्वरक के नाम पर वास्तव में मिट्टी की बिक्री की जा रही थी। अधिकारियों के अनुसार, इन उत्पादों की आपूर्ति एमआईडीसी क्षेत्र में भी की गई थी। इस मामले में एक बड़े रैकेट के सक्रिय होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा है।
उर्वरक निरीक्षक एवं कृषि अधिकारी संजय अनंत पवार की शिकायत पर गजानन सुरेश तोटे (प्रोपराइटर, ओम एग्रो ऑर्गेनिक्स), अविनाश वसंतराव दुधे और जसवंत सिंह गिल के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।यह कार्रवाई कृषि आयुक्तालय और कृषि विभाग की संयुक्त टीम द्वारा की गई। अधिकारियों का कहना है कि जब्त नमूनों की जांच रिपोर्ट आने के बाद मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं। फिलहाल पुलिस और कृषि विभाग आगे की जांच में जुटे हुए हैं।




