मकान की मजबूती से लेकर सड़क, बिजली और होम लोन तक की स्थिति जांचने का सही मौका
अकोला : अगर आप घर या प्रॉपर्टी खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो बारिश का मौसम इसके लिए बेहतर समय साबित हो सकता है। इस मौसम में मकान और उसके आसपास के इलाके की वास्तविक स्थिति सामने आ जाती है। जहां सामान्य दिनों में छिपी रहने वाली कई कमियां बारिश में दिखाई देने लगती हैं, वहीं खरीदार प्रॉपर्टी की गुणवत्ता, जल निकासी, सड़क और बिजली व्यवस्था की भी आसानी से जांच कर सकता है। साथ ही, होम लोन की ब्याज दरों में आई कमी भी खरीदारों के लिए फायदेमंद हो सकती है।
1. मकान की खूबसूरती नहीं, मजबूती का पता चलेगा
मकान की सुंदरता से ज्यादा उसकी मजबूती महत्वपूर्ण है। बरसात में प्रॉपर्टी की निर्माण गुणवत्ता की सही जांच की जा सकती है। छत और दीवारों पर सीलन, जमीन में नमी, खिड़की-दरवाजों से पानी का रिसाव और खासतौर पर बाथरूम में नमी जैसी समस्याएं दिखाई दे सकती हैं। ऐसी खामियां नजर आने पर प्रॉपर्टी खरीदने से पहले अच्छी तरह विचार करना चाहिए।
बारिश के दौरान आसपास जलभराव की स्थिति भी सामने आ जाती है। इसलिए यह देखना जरूरी है कि मकान या कॉलोनी में पानी निकासी की उचित व्यवस्था है या नहीं।
2. रास्ते की वास्तविक स्थिति पता चलेगी
घर खरीदते समय आसपास की सुविधाओं और इन्फ्रास्ट्रक्चर पर ध्यान देना जरूरी है। बारिश के मौसम में सड़कों पर जलभराव, यातायात और बिजली से जुड़ी समस्याएं सामने आ सकती हैं। कई बार मकान या कॉलोनी बनाने वाले मुख्य सड़क से अच्छी कनेक्टिविटी के दावे करते हैं, लेकिन बारिश में इन दावों की वास्तविकता सामने आ जाती है।
प्रॉपर्टी तक पहुंचने वाली सड़क सुविधाजनक और सुरक्षित है या नहीं, बारिश के दौरान इसका आसानी से पता लगाया जा सकता है। इसलिए खरीदारी से पहले बारिश के समय भी इलाके का निरीक्षण करना फायदेमंद रहेगा।
3. होम लोन की ब्याज दरों में कटौती का लाभ
पिछले वर्ष आरबीआई की ओर से रेपो रेट में चार बार कटौती किए जाने के बाद कई बैंकों ने होम लोन की ब्याज दरों में कमी की। बैंक ऑफ इंडिया करीब 7.10 प्रतिशत सालाना की दर से होम लोन उपलब्ध करा रहा है, जबकि एसबीआई की होम लोन दर करीब 7.25 प्रतिशत सालाना से शुरू हो रही है।
हालांकि, वास्तविक ब्याज दर ग्राहक की पात्रता, क्रेडिट प्रोफाइल और बैंक की शर्तों के आधार पर अलग हो सकती है। इसलिए लोन लेने से पहले अलग-अलग बैंकों की ब्याज दर, प्रोसेसिंग फीस और अन्य शुल्कों की तुलना करना जरूरी है।
4. बिजली की समस्या को नजरअंदाज न करें
बारिश के दौरान कई इलाकों में बिजली आपूर्ति प्रभावित होती है। कुछ जगहों पर बारिश के बाद घंटों तक बिजली गुल रहने की समस्या सामने आती है। इसलिए जिस प्रॉपर्टी में निवेश करने की योजना बना रहे हैं, वहां बिजली आपूर्ति की स्थिति के बारे में आसपास के लोगों से जानकारी लेना जरूरी है।




