मुंबई- महाराष्ट्र की महायुति सरकार ने प्रशासनिक कामकाज को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और आधुनिक बनाने के लिए बड़ा फैसला लिया है। राज्य में अब महत्वपूर्ण और संवेदनशील सरकारी दस्तावेजों को जारी करने की प्रक्रिया में बदलाव किया गया है। नए आदेश के अनुसार, सभी महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेजों पर डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट (DSC) या ई-साइन (e-Sign) का उपयोग अनिवार्य होगा।सरकार का यह नया नियम 1 अगस्त से पूरे महाराष्ट्र में लागू किया जाएगा। इसके बाद शासन निर्णय (GR), परिपत्र (Circulars), अधिसूचनाएं, वित्तीय मंजूरी पत्र और अन्य संवेदनशील सरकारी दस्तावेज पारंपरिक हस्ताक्षर के बजाय केवल डिजिटल हस्ताक्षर के माध्यम से ही जारी किए जाएंगे।
दस्तावेजों की सुरक्षा और विश्वसनीयता बढ़ाने का उद्देश्य
महाराष्ट्र सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स, सूचना प्रौद्योगिकी एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता विभाग की ओर से इस संबंध में शासन परिपत्र जारी किया गया है। सरकार के अनुसार, नागरिकों के अधिकारों, संपत्ति मामलों, वित्तीय लेन-देन और प्रशासनिक निर्णयों से जुड़े दस्तावेजों की सुरक्षा, सत्यापन और लंबे समय तक सुरक्षित संरक्षण सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठाया गया है।डिजिटल हस्ताक्षर व्यवस्था लागू होने से सरकारी दस्तावेजों में छेड़छाड़ की संभावना कम होगी और दस्तावेजों की प्रमाणिकता आसानी से जांची जा सकेगी। साथ ही प्रशासनिक प्रक्रिया में तेजी आएगी और कागजी कामकाज में भी कमी आएगी।
ई-गवर्नेंस को मिलेगा बढ़ावा
सरकार का मानना है कि डिजिटल हस्ताक्षर प्रणाली से सरकारी कामकाज में पारदर्शिता बढ़ेगी और विभागों के बीच दस्तावेजों का आदान-प्रदान अधिक सुरक्षित तरीके से हो सकेगा। यह फैसला राज्य में ई-गवर्नेंस को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।




