मुंबई- महाराष्ट्र के किसानों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने किसानों के हित में बड़ा ऐलान करते हुए कहा है कि नकली या खराब बीजों के कारण फसल खराब होने वाले किसानों को अब दोबारा बुवाई के लिए जिला योजना विकास समिति (DPDC) के माध्यम से आर्थिक सहायता और नए बीज उपलब्ध कराए जाएंगे।किसानों को अक्सर बाजार में मिलने वाले घटिया और नकली बीजों के कारण भारी नुकसान उठाना पड़ता है। कई बार बीज अंकुरित नहीं होते या अंकुरित हुई फसल भी खराब हो जाती है, जिससे किसानों को दोबारा बुवाई का खर्च उठाना पड़ता है। इसी समस्या को देखते हुए सरकार ने प्रभावित किसानों को तत्काल मदद देने का निर्णय लिया है।
कलेक्टर की रिपोर्ट के आधार पर मिलेगी सहायता
मंत्री बावनकुले ने बताया कि दोबारा बुवाई के लिए दी जाने वाली सहायता प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया जाएगा। खेतों में हुए नुकसान का आकलन कर संबंधित अधिकारी रिपोर्ट तैयार करेंगे और यह रिपोर्ट जिला कलेक्टर को भेजी जाएगी। रिपोर्ट के आधार पर पात्र किसानों को आर्थिक सहायता और बीज उपलब्ध कराने की कार्रवाई की जाएगी।
नकली बीज कंपनियों पर होगी सख्त कार्रवाई
सरकार ने नकली बीज बेचने वाली कंपनियों के खिलाफ भी कड़ा रुख अपनाया है। राजस्व मंत्री ने कहा कि किसानों को नुकसान पहुंचाने वाली कंपनियों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज किए गए हैं। संबंधित विभागों और पुलिस को ऐसी कंपनियों के मालिकों तथा डीलरों पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
कृषि सड़कों के लिए बनेगा डिजिटल डैशबोर्ड
किसानों की एक अन्य महत्वपूर्ण समस्या खेतों तक पहुंचने वाली कृषि सड़कों को लेकर भी सरकार ने कदम उठाने की घोषणा की है। राज्य में कृषि सड़कों का क्रमांकन, निगरानी और बेहतर रखरखाव सुनिश्चित करने के लिए विशेष डिजिटल डैशबोर्ड तैयार किया जा रहा है। इसके माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों की कृषि सड़कों की स्थिति पर नजर रखी जाएगी और सुधार कार्यों को गति मिलेगी।सरकार के इस फैसले से नकली बीजों के कारण नुकसान उठाने वाले किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है, वहीं बीजों की गुणवत्ता पर भी निगरानी बढ़ने की संभावना है।




