महाराष्ट्र सरकार के फैसलों की सौगात, विद्यार्थियों से किसानों और वाहन चालकों तक को राहत

पशु चिकित्सा विद्यार्थियों का इंटर्नशिप भत्ता बढ़ेगा; वाहन चालान पर 20 प्रतिशत तक छूट, छात्रावास निर्वाह भत्ते में भी दोगुने से अधिक वृद्धि

मुंबई- महाराष्ट्र सरकार ने विभिन्न वर्गों को राहत देने वाले कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। पशु चिकित्सा पाठ्यक्रम के अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों के इंटर्नशिप भत्ते में वृद्धि, पुराने वाहन चालानों पर छूट, छात्रावास में रहने वाले पिछड़े वर्गों के विद्यार्थियों के निर्वाह भत्ते में बढ़ोतरी और ग्रामीण क्षेत्रों में न्याय व्यवस्था को मजबूत करने जैसे फैसले किए गए हैं। इसके अलावा कृषि, सहकारिता, उच्च शिक्षा और शहरी विकास से जुड़े प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई है। इन निर्णयों से विद्यार्थियों, किसानों, वाहन मालिकों और विभिन्न संस्थाओं को लाभ मिलने की उम्मीद है।

वाहन चालान पर मिलेगी 20 प्रतिशत तक छूट

वाहन चालकों के लिए महाराष्ट्र यातायात पुलिस चालान अभय योजना-2026 को मंजूरी दी गई है। इसके तहत लंबित ई-चालान की जुर्माना राशि पर एकमुश्त 20 प्रतिशत तक छूट मिल सकेगी। इससे वाहन मालिकों को पुराने बकाया दंड का भुगतान कर अपने वाहन को दंडमुक्त कराने का अवसर मिलेगा। यह निर्णय गृह विभाग की ओर से लिया गया है।

पशु चिकित्सा विद्यार्थियों के इंटर्नशिप भत्ते में वृद्धि

महाराष्ट्र पशु एवं मत्स्य विज्ञान विश्वविद्यालय के अंतर्गत पशु चिकित्सा पाठ्यक्रम के अंतिम वर्ष में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के इंटर्नशिप भत्ते में बढ़ोतरी को मंजूरी दी गई है। इससे विद्यार्थियों को आर्थिक राहत मिलेगी। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों के पशु चिकित्सालयों में सेवा देने के लिए उन्हें प्रोत्साहन मिलेगा। इसका लाभ पशुपालकों और किसानों को भी मिल सकता है, क्योंकि ग्रामीण क्षेत्रों में पशु चिकित्सा सेवाओं की उपलब्धता बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।

छात्रावास के विद्यार्थियों का निर्वाह भत्ता दोगुने से अधिक

अन्य पिछड़ा वर्ग, विमुक्त जाति, घुमंतू जनजाति और विशेष पिछड़ा वर्ग के छात्रावासों में रहने वाले विद्यार्थियों के लिए भी राहत की घोषणा की गई है। अन्य पिछड़ा बहुजन कल्याण विभाग की छात्रावास योजना के तहत निर्वाह भत्ते में दोगुने से अधिक वृद्धि को मंजूरी दी गई है। विभागीय स्तर के छात्रावासों में रहने वाले विद्यार्थियों को प्रतिमाह 1,500 रुपये, जबकि जिला मुख्यालयों के छात्रावासों में रहने वाले विद्यार्थियों को 1,300 रुपये मिलेंगे।

पालघर में तीन नए ग्राम न्यायालय

पालघर जिले के तलासरी, मोखाडा और विक्रमगढ़ में तीन ग्राम न्यायालय स्थापित करने को मंजूरी दी गई है। प्रत्येक न्यायालय के लिए पांच पदों के हिसाब से कुल 15 सहायक पदों को भी स्वीकृति दी गई है। इसके लिए आवश्यक खर्च की व्यवस्था को भी मंजूरी मिली है। इन न्यायालयों के शुरू होने से ग्रामीण नागरिकों को स्थानीय स्तर पर न्यायिक सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

मुखेड में वरिष्ठ स्तर का नियमित दीवानी न्यायालय

नांदेड़ जिले के मुखेड में वरिष्ठ स्तर का नियमित दीवानी न्यायालय स्थापित किया जाएगा। इससे पहले मंजूर किए गए संयुक्त न्यायालय के स्थान पर अब नियमित न्यायालय शुरू करने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए आवश्यक पदों और खर्च को भी मंजूरी दी गई है।

बिडगांव-तरोडी नगर पंचायत को प्रशासनिक भवन के लिए जमीन

नागपुर जिले की कामठी तहसील में स्थित बिडगांव-तरोडी (खुर्द) नगर पंचायत को प्रशासनिक भवन के निर्माण के लिए 1 हेक्टेयर 86 आर जमीन देने की मंजूरी दी गई है। इससे नगर पंचायत को अपना प्रशासनिक भवन तैयार करने में मदद मिलेगी।

गोंदिया के मकान मालिकों को बड़ी राहत

गोंदिया शहर में नीलामी अथवा पट्टे के आधार पर मकानों के लिए आवंटित जमीनों को बिना शुल्क वर्ग-1 में परिवर्तित करने की मंजूरी दी गई है। इस निर्णय से संबंधित जमीन धारकों को राहत मिलने की उम्मीद है।

सिद्धिविनायक मंदिर न्यास को मुद्रांक शुल्क में छूट

मुंबई के सिद्धिविनायक गणपति मंदिर न्यास द्वारा खरीदी गई राम मेंशन इमारत के खरीद दस्तावेजों पर मुद्रांक शुल्क माफ करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। मंदिर परिसर के विकास और श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की दृष्टि से यह निर्णय लिया गया है।

मुंबई के विश्वविद्यालय में नियुक्ति नियमों में बदलाव

हैदराबाद (सिंध) नेशनल कॉलेजिएट यूनिवर्सिटी, मुंबई के समूह विश्वविद्यालय में कुलाधिकारी पद के कार्यकाल और आयु सीमा संबंधी शर्तों को हटाने तथा कुलगुरु पद पर कार्यरत व्यक्ति को पुनर्नियुक्ति के लिए पात्र बनाने के उद्देश्य से अधिसूचना में संशोधन को मंजूरी दी गई है।

नागपुर में 644 करोड़ का अंतरराष्ट्रीय कृषि सुविधा केंद्र

डॉ. पंजाबराव देशमुख कृषि विश्वविद्यालय के नागपुर स्थित कृषि महाविद्यालय की दाभा परिसर की जमीन पर अंतरराष्ट्रीय कृषि सुविधा केंद्र स्थापित किया जाएगा। इस परियोजना के लिए 644 करोड़ 63 लाख रुपये के प्रारूप को मंजूरी दी गई है। कृषि अनुसंधान और आधुनिक सुविधाओं के विकास की दृष्टि से यह महत्वपूर्ण निर्णय है।

18 सहकारी संस्थाओं पर प्रशासक नियुक्त नहीं होंगे

महाराष्ट्र सहकारी संस्था अधिनियम, 1960 के प्रावधानों में संशोधन को मंजूरी दी गई है। इसके तहत कार्यकाल समाप्त हो चुकी ‘अ’ वर्ग की तथा सूखे की स्थिति के कारण चुनाव प्रक्रिया स्थगित हुई 18 संस्थाओं पर प्रशासक नियुक्त नहीं किए जाएंगे। इसके लिए सहकारी समिति के चुनाव संबंधी नियमों में संशोधन किया जाएगा।

बड़ी सहकारी संस्थाओं के संचालक मंडल में पांच नामित सदस्य

राज्य की जिन सहकारी संस्थाओं का वार्षिक कारोबार 500 करोड़ रुपये से अधिक है, उनके संचालक मंडल में सरकार की ओर से पांच सदस्यों को नामित किया जाएगा। इनमें सहायक निबंधक से कम दर्जे का नहीं होने वाला एक सरकारी अधिकारी और संस्था के कामकाज का अनुभव रखने वाले चार व्यक्ति शामिल होंगे।

सरकारी अधिकारी को मतदान का अधिकार नहीं होगा, जबकि अन्य चार नामित सदस्यों को संचालक मंडल में मतदान का अधिकार रहेगा। हालांकि, ये चारों सदस्य संस्था के पदाधिकारी पदों के चुनाव में भाग लेने के पात्र नहीं होंगे। यह संशोधन जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंकों पर लागू नहीं होगा।

विद्यार्थियों, किसानों और आम नागरिकों पर फैसलों का असर

सरकार के इन निर्णयों में शिक्षा, कृषि, ग्रामीण न्याय व्यवस्था, यातायात और सहकारिता जैसे विभिन्न क्षेत्रों को शामिल किया गया है। वाहन चालान पर छूट से वाहन मालिकों को राहत मिलेगी, वहीं छात्रावास भत्ते और पशु चिकित्सा इंटर्नशिप भत्ते में वृद्धि से विद्यार्थियों को आर्थिक सहायता मिलेगी। अब इन निर्णयों के प्रभावी क्रियान्वयन और संबंधित विभागों की अधिसूचनाओं पर नजर रहेगी।

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