
मंत्रिमंडल ने ग्राम पंचायत, जिला परिषद और पंचायत समिति की आरक्षित सीटों से निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के लिए निर्वाचन परिणाम घोषित होने के 12 माह के भीतर जाति वैधता प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य कर दिया है। इसके लिए महाराष्ट्र ग्राम पंचायत अधिनियम, 1959 तथा महाराष्ट्र जिला परिषद एवं पंचायत समिति अधिनियम, 1961 में संशोधन संबंधी अध्यादेश को मंजूरी दी गई। निर्धारित अवधि में प्रमाणपत्र प्रस्तुत नहीं करने पर संबंधित जनप्रतिनिधि का निर्वाचन निरस्त माना जाएगा और वह अपने पद पर बने रहने के लिए अयोग्य होगा।
कानून एवं न्याय विभाग के तहत एनडीपीएस अधिनियम, 1985 के मामलों के त्वरित निपटारे के लिए पुणे में विशेष न्यायालय स्थापित करने को मंजूरी दी गई है। इसके लिए आठ पदों के सृजन तथा करीब ₹1.26 करोड़ के व्यय को भी स्वीकृति प्रदान की गई। वर्तमान में राज्य में एनडीपीएस अधिनियम के लगभग 30 हजार मामले लंबित हैं, जिनमें अकेले पुणे में 1,425 मामले शामिल हैं।
मंत्रिमंडल ने सोलापुर जिले के कुर्डूवाड़ी में कनिष्ठ स्तर के दीवानी न्यायालय एवं प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय तथा अहिल्यानगर जिले के कर्जत में जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायालय की स्थापना को भी मंजूरी दी। इसके अलावा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के मामलों की सुनवाई के लिए अहिल्यानगर, परभणी, सोलापुर, नांदेड़ और यवतमाल में विशेष न्यायालय स्थापित किए जाएंगे। इन न्यायालयों के गठन से लंबित मामलों के त्वरित निपटारे और न्याय तक आसान पहुंच सुनिश्चित होने की उम्मीद है।
राजस्व विभाग के प्रस्ताव के तहत महाराष्ट्र भूमि राजस्व संहिता, 1966 में संशोधन कर अवैध गौण खनिज उत्खनन और परिवहन पर स्वामित्वधन के दस गुना तक जुर्माना लगाने का प्रावधान किया गया है। सरकार का मानना है कि इससे अवैध खनन पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सकेगा।
शहरी विकास विभाग के प्रस्ताव के अनुसार मुंबई रेलवे डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड की अधिकृत शेयर पूंजी ₹25 करोड़ से बढ़ाकर ₹500 करोड़ तथा चुकता पूंजी ₹25 करोड़ से बढ़ाकर ₹225 करोड़ की जाएगी। राज्य सरकार इसके लिए ₹98 करोड़ का अंशदान भी देगी। इस निर्णय से मुंबई उपनगरीय रेल नेटवर्क की आधारभूत परियोजनाओं को गति मिलने की उम्मीद है।
कृषि क्षेत्र में तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मंत्रिमंडल ने महा एग्री-एआई नीति के तहत स्थापित कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं एग्रीटेक नवाचार केंद्र में प्रबंध निदेशक के पद को भी मंजूरी प्रदान की। सरकार ने इस नीति के लिए ₹500 करोड़ का प्रावधान किया है, जिससे आधुनिक तकनीक के माध्यम से कृषि क्षेत्र को अधिक सक्षम और प्रतिस्पर्धी बनाया जा सके।



