छत्रपति संभाजीनगर (दैनिक दिव्य हिन्दी) — कम कीमत के घटिया खाद को नामी कंपनियों की बोरियों में भरकर बेचने और सब्सिडी वाले यूरिया की कालाबाजारी कर उसे इंडस्ट्रियल ग्रेड के नाम पर ऊंचे दामों में बेचने वाले एक बड़े अंतरजिला रैकेट का कृषि विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में पर्दाफाश हुआ है।
दौलताबाद क्षेत्र के वंजारवाड़ी स्थित एक गोदाम पर छापेमारी कर 26 लाख 62 हजार 762 रुपये मूल्य का करीब 118.74 मीट्रिक टन नकली खाद, हजारों खाली बोरियां और पैकिंग सामग्री जब्त की गई। यह कार्रवाई रविवार दोपहर तक जारी रही। मामले में दौलताबाद पुलिस थाने में केस दर्ज किया गया है।
इस प्रकरण में सचिन मारोती निर्फल (समता कॉलोनी, वालूज), अनिल बालाप्रसाद मंत्री (नांदेड वाघाला), बालाजी फॉस्फेट लिमिटेड (देवास, मध्य प्रदेश) और गणेश कृषि उद्योग को आरोपी बनाया गया है।
नामी कंपनियों की नकली पैकिंग
कृषि विभाग को सूचना मिली थी कि वंजारवाड़ी में एक गोदाम में नकली खाद की पैकिंग का गोरखधंधा चल रहा है। छापे के दौरान इफ्को, पारादीप, इंडियन पोटाश, कोरोमंडल और आरसीएफ जैसी बड़ी कंपनियों के नाम से छपी 14,355 खाली बोरियां बरामद हुईं।
इसके अलावा 320 बैग बिना लेबल वाले खाद, 553 बैग संदिग्ध सफेद पाउडर, बैग सीलिंग मशीन और सिलाई सामग्री भी जब्त की गई। इससे जिले में नकली खाद सप्लाई का बड़ा नेटवर्क सक्रिय होने की आशंका जताई जा रही है।
नांदेड का कारोबारी निकला मास्टरमाइंड
मौके से पकड़े गए सचिन निर्फल से पूछताछ में सामने आया कि यह पूरा कारोबार नांदेड के व्यापारी अनिल मंत्री के निर्देश पर चल रहा था। वही खाद और खाली बोरियां उपलब्ध कराता था। हालांकि आगे सप्लाई कहां होती थी, इसकी जानकारी आरोपी ने नहीं दी है। खाद के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं।
छापे के दौरान पहुंचा ट्रक, खुला राज
कार्रवाई के दौरान एक ट्रक (MH-28 BB-7878) गोदाम पर पहुंचा, जिसमें बालाजी फॉस्फेट लिमिटेड के 700 बैग एसएसपी खाद मिले। दस्तावेजों में यह माल गणेश कृषि उद्योग, परसोडा के लिए बताया गया था, लेकिन संबंधित व्यापारी ने ऐसा कोई ऑर्डर देने से इनकार किया। इससे फर्जी दस्तावेजों के जरिए खाद की सप्लाई का बड़ा खेल उजागर हुआ है।
इस पूरी कार्रवाई में कृषि विभाग के अधिकारियों और दौलताबाद पुलिस की संयुक्त टीम शामिल रही। मामले की जांच जारी है और किसानों के साथ बड़े स्तर पर धोखाधड़ी की आशंका जताई जा रही है।




