बड़ी खबर! मंत्रिमंडल की बैठक में 3 महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए

मुंबई : महाराष्ट्र मंत्रिमंडल की बैठक आज (5 मई) मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में। आज की कैबिनेट बैठक में कुछ महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इनमें आदिवासी बच्चों की शिक्षा से संबंधित निर्णय, सोलापुर के सरकारी तकनीकी महाविद्यालय में इस शैक्षणिक वर्ष (2026-27) से तीन डिग्री स्तरीय इंजीनियरिंग पाठ्यक्रम शुरू करने की मंजूरी और श्री तुलजा भवानी इंजीनियरिंग कॉलेज को महाराष्ट्र सरकार को हस्तांतरित करने का निर्णय शामिल है। सरकार के इस निर्णय से शिक्षा क्षेत्र के छात्रों को लाभ होगा और आदिवासी बच्चों की शैक्षिक प्रगति में तेजी आएगी।  

मंत्रिमंडल का निर्णय (सारांश)-(महाराष्ट्र मंत्रिमंडल का निर्णय)

आदिवासी बच्चों की शैक्षिक प्रगति के लिए महत्वपूर्ण निर्णय। गैर सरकारी संस्थाओं के पांच प्राथमिक और 19 माध्यमिक सहायता प्राप्त आश्रम विद्यालयों का उन्नयन। प्राथमिक से माध्यमिक और माध्यमिक से जूनियर कॉलेज स्तर तक उन्नयन, आवश्यक पदों के सृजन की स्वीकृति और इसके लिए आवश्यक व्यय का प्रावधान। पहाड़ी और दूरस्थ क्षेत्रों में आदिवासी बच्चों की शिक्षा में तेजी आएगी।
(आदिवासी विकास विभाग)

सोलापुर के लिए महत्वपूर्ण निर्णय 

सोलापुर के सरकारी तकनीकी संस्थान में इस शैक्षणिक वर्ष (2026-27) से तीन डिग्री स्तरीय इंजीनियरिंग पाठ्यक्रम शुरू करने की मंजूरी दे दी गई है। सोलापुर और आसपास के क्षेत्रों के उन छात्रों के लिए यह एक लाभकारी निर्णय है जो इंजीनियरिंग शिक्षा प्राप्त करना चाहते हैं। तीन नए इंजीनियरिंग पाठ्यक्रम, जिनमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता और मशीन लर्निंग, कंप्यूटर विज्ञान और इंजीनियरिंग, और इलेक्ट्रॉनिक्स और दूरसंचार शामिल हैं, प्रत्येक में साठ-साठ प्रवेश क्षमता के साथ शुरू किए जा रहे हैं। (उच्च और तकनीकी शिक्षा विभाग)

इंजीनियरिंग स्कूल महाराष्ट्र सरकार को हस्तांतरित कर दिया गया

धराशिव जिले के तुलजापुर में स्थित श्री तुलजाभवानी मंदिर संस्थान द्वारा संचालित श्री तुलजाभवानी इंजीनियरिंग कॉलेज को महाराष्ट्र सरकार को हस्तांतरित करने का निर्णय लिया गया है। कॉलेज को सशक्त बनाया जाएगा और अत्याधुनिक शैक्षणिक सुविधाओं से सुसज्जित यह कॉलेज क्षेत्र के इच्छुक छात्रों को गुणवत्तापूर्ण इंजीनियरिंग शिक्षा का अवसर प्रदान करेगा। (उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग)

विधि एवं न्याय विभाग को मुख्यमंत्री के निर्देश

आज मंत्रालय में मंत्रिमंडल की बैठक बुलाई गई। इस बार मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंत्रिमंडल बैठक में निर्देश दिए हैं कि यौन उत्पीड़न के मामलों में आरोपियों को पैरोल नहीं दी जानी चाहिए। यौन उत्पीड़न के मामलों में 80 से 90 प्रतिशत आरोपी उसी अपराध के लिए गिरफ्तार होते हैं और पैरोल पर रिहा हो जाते हैं, और इस दौरान वे फिर से वही अपराध करते हैं। जब देवेंद्र फडणवीस 2014 से 2019 तक मुख्यमंत्री थे, तब ऐसे अपराधों में आरोपियों को पैरोल न देने का कानून बनाया गया था। यह कानून 2-3 साल तक लागू रहा, लेकिन समय के साथ अदालत ने इसे रद्द कर दिया। अब देवेंद्र फडणवीस ने विधि एवं न्याय विभाग को वही कानून दोबारा बनाने के निर्देश दिए हैं। 

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