रेलवे के नए नियम लागू: बिना टिकट, महिला कोच में घुसपैठ और नियम तोड़ने पर लगेगा भारी जुर्माना

अकोला- रेलवे में नियमों का उल्लंघन कर यात्रा करने वालों के लिए अब बच निकलना आसान नहीं होगा। केंद्र सरकार ने रेलवे अधिनियम, 1989 की कई महत्वपूर्ण धाराओं में संशोधन करते हुए जुर्माने का दायरा बढ़ा दिया है। नए नियमों के तहत बिना टिकट यात्रा, आरक्षित डिब्बे में अनधिकृत प्रवेश, महिला कोच में घुसपैठ, दूसरे के टिकट पर सफर तथा निर्धारित दूरी से अधिक यात्रा करने वाले यात्रियों पर अब भारी आर्थिक दंड लगाया जाएगा। कई मामलों में अतिरिक्त किराया भी वसूला जाएगा। जुर्माना जमा नहीं करने पर मामला अदालत पहुंचेगा, जहां कारावास की सजा का भी प्रावधान है। मध्य रेलवे ने संशोधित प्रावधानों की जानकारी साझा की है।

रेलवे सूत्रों के अनुसार, सबसे सख्त प्रावधान महिला कोच में अनधिकृत प्रवेश को लेकर किया गया है। रेलवे अधिनियम की धारा 162 के तहत महिला कोच या महिलाओं के लिए आरक्षित सीट पर अनधिकृत रूप से बैठने वाले व्यक्ति पर अब 2,500 रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा। संबंधित यात्री को तत्काल कोच खाली करना होगा तथा उसका टिकट या पास भी जब्त किया जा सकता है। जुर्माना नहीं भरने की स्थिति में अदालत 5,000 रुपये तक का जुर्माना लगा सकती है। हालांकि, ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को इस प्रावधान से छूट दी गई है।

आरक्षित डिब्बे में बिना अधिकार प्रवेश करने पर 2,000 रुपये तक का जुर्माना

इसी प्रकार रेलवे अधिनियम की धारा 155 के तहत आरक्षित डिब्बे में बिना अधिकार प्रवेश करने पर 2,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा। यदि किसी वैध यात्री को उसकी सीट या डिब्बे में जाने से रोका गया तो 1,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। जुर्माना नहीं चुकाने पर अदालत 3,000 रुपये तक का जुर्माना लगाने के साथ आरोपी को डिब्बे से बाहर निकालने का आदेश भी दे सकती है।

बिना वैध टिकट या पास के यात्रा करने वालों पर भी अब सख्त कार्रवाई होगी। रेलवे अधिनियम की धारा 137 के तहत ऐसे यात्रियों से यात्रा किराए के साथ अतिरिक्त शुल्क वसूला जाएगा, जिसकी न्यूनतम राशि 500 रुपये होगी। भुगतान नहीं करने पर छह माह तक की जेल, जुर्माना अथवा दोनों सजाएं हो सकती हैं।

टिकट का अनधिकृत हस्तांतरण भी अब गंभीर अपराध

दूसरे के नाम पर जारी टिकट का उपयोग या टिकट का अनधिकृत हस्तांतरण भी अब गंभीर अपराध माना जाएगा। धारा 142 के तहत टिकट जब्त करने के साथ यात्रा किराए के बराबर अतिरिक्त शुल्क, जिसकी न्यूनतम राशि 500 रुपये होगी, वसूला जाएगा। भुगतान नहीं करने पर छह माह तक की जेल या 2,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।

वहीं, रेलवे अधिनियम की धारा 138 के अनुसार टिकट में स्वीकृत दूरी से अधिक यात्रा करने वाले यात्रियों को किराए का अंतर और अतिरिक्त शुल्क देना होगा। इसकी न्यूनतम राशि 500 रुपये निर्धारित की गई है। यदि यात्री भुगतान से इनकार करता है तो उसे अदालत में पेश किया जाएगा, जहां 10 दिन से एक माह तक के कारावास का प्रावधान है।रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा के दौरान सभी नियमों का पालन करें, वैध टिकट लेकर ही सफर करें और आरक्षित डिब्बों व महिला कोच से संबंधित नियमों का उल्लंघन न करें, ताकि कार्रवाई से बचा जा सके।

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