जो देश में कभी नहीं हुआ वो बंगाल में हुआ, टूटे वोटिंग के सारे रिकॉर्ड

पश्चिम बंगाल- बुधवार (29 अप्रैल) को दूसरे चरण का मतदान भी पूरा हो गया। इसी के साथ अब बंगाल के दोनों चरणों में 90 फीसदी से ज्यादा मतदान दर्ज कर लिया गया है। आंकड़ों को उठाकर देखा जाए तो बंगाल में कभी भी 90 फीसदी से ज्यादा वोटिंग नहीं हुई। यानी इस बार पश्चिम बंगाल में मतदान का एक नया रिकॉर्ड स्थापित हुआ है। इतना ही नहीं, अगर मतदान का यह आंकड़ा थोड़ा और बढ़ा तो बंगाल में हुई वोटिंग देशभर में किसी भी राज्य में हुई वोटिंग के रिकॉर्ड से ज्यादा होगी। अब तक यह रिकॉर्ड त्रिपुरा के पास था, जहां 2013 में 91.82 फीसदी वोटिंग दर्ज की गई थी।

बंगाल के पहले चरण और दूसरे चरण में वोटिंग के आंकड़े?

पश्चिम बंगाल में इस बार दो चरणों में मतदान कराया गया है। जहां पहले चरण में राज्य में 93.19 फीसदी मतदान हुआ था। वहीं, दूसरे चरण में भी मतदान 90 फीसदी से ऊपर रहा है, जिसका अभी और बढ़ना लगभग तय है। इस लिहाज से देखा जाए तो बंगाल में औसत मतदान प्रतिशत 90 फीसदी से ऊपर रहा है, जो कि बंगाल में पिछले सभी चुनावों से ज्यादा है।

इससे पहले राज्य में वोटिंग के क्या रिकॉर्ड रहे थे?

बंगाल में 2026 से पहले सबसे ज्यादा वोटिंग का आंकड़ा 2011 में दर्ज किया गया था। तब राज्य में 84.33 फीसदी वोटिंग हुई थी। यह वही चुनाव था, जब बंगाल में 34 साल से शासन कर रही लेफ्ट पार्टी का वर्चस्व खत्म हुआ था और तृणमूल कांग्रेस पहली बार जीतकर सत्ता में आई थी। तब ममता बनर्जी बंगाल की मुख्यमंत्री बनी थीं।

मजेदार बात यह है कि बंगाल में इससे पहले 80 फीसदी से ज्यादा वोटिंग का आंकड़ा 1996 और 2006 में पहुंचा था। ममता बनर्जी के चुनाव जीतने के बाद बंगाल में वोटिंग का आंकड़ा भी लगातार 80 फीसदी के ऊपर बना रहा, लेकिन मतदान का रिकॉर्ड नहीं टूटा।

2026 और 2021 के मतदान में क्या अंतर?

बंगाल में 2021 में जहां आठ चरणों में मतदान हुआ था। वहीं, 2026 में यह मतदान सिर्फ दो चरणों में पूरा करा लिया गया। अगर 2026 में पहले और दूसरे चरण की सीटों पर हुए मतदान की तुलना 2021 की समान सीटों पर हुए मतदान से कर लें तो सामने आता है कि 2026 में दोनों ही चरणों में पिछली बार से ज्यादा वोटिंग हुई। जहां बंगाल में 2026 के पहले चरण में 93.19 फीसदी वोटिंग हुई तो वहीं, दूसरे चरण में करीब 90 फीसदी मतदान हुआ है। इसके मुकाबले 2021 मे इन्हीं समान सीटों (2026 के पहले चरण वाली 152 सीटों)  पर 83.18 फीसदी मतदान और (दूसरे चरण की 142 सीटों) पर 81.08 फीसदी मतदान हुआ था। यही वजह है कि जहां बंगाल में 2026 में 90 फीसदी से ज्यादा वोटिंग हुई तो वहीं 2021 में 82.17 फीसदी कुल वोटिंग दर्ज हो पाई थी।

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