महाराष्ट्र में आरटीओ की कार्रवाई अब बॉडी कैमरों की निगरानी में

राज्य के क्षेत्रीय परिवहन कार्यालयों को मिले करीब 600 कैमरे; वाहन जांच से लेकर लाइसेंस-परमिट कार्रवाई तक होगी रिकॉर्डिंग

मुंबई : महाराष्ट्र में सड़क परिवहन विभाग की कार्रवाई अब कैमरों की निगरानी में होगी। पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के उद्देश्य से राज्यभर के क्षेत्रीय परिवहन कार्यालयों (आरटीओ) को करीब 600 बॉडी कैमरे उपलब्ध कराए गए हैं। प्रत्येक क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय को औसतन करीब 10 कैमरे दिए गए हैं। इन कैमरों के जरिए वाहन चालकों और परिवहन अधिकारियों के बीच होने वाली कार्रवाई तथा बातचीत का वीडियो रिकॉर्ड तैयार किया जा सकेगा।विभाग के अनुसार, इन बॉडी कैमरों का उपयोग मोटर वाहन निरीक्षकों द्वारा वाहन निरीक्षण, सड़क किनारे जांच, लाइसेंस और परमिट से संबंधित कार्रवाई सहित विभिन्न सरकारी कार्यवाहियों के दौरान किया जाएगा। कार्रवाई की वीडियो रिकॉर्डिंग उपलब्ध रहने से शिकायत या विवाद की स्थिति में घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने में मदद मिलेगी।

वाहन जांच और कार्रवाई की होगी रिकॉर्डिंग

आरटीओ अधिकारियों द्वारा सड़क पर वाहनों की जांच के दौरान अब बॉडी कैमरों का इस्तेमाल किया जा सकेगा। वाहन की जांच से लेकर संबंधित चालक के साथ होने वाली बातचीत और की जाने वाली कार्रवाई का रिकॉर्ड कैमरे में सुरक्षित किया जा सकता है।विभाग का मानना है कि इस व्यवस्था से अधिकारियों और वाहन चालकों के बीच होने वाली बातचीत में पारदर्शिता बढ़ेगी। साथ ही सरकारी कार्रवाई का एक दस्तावेजी रिकॉर्ड भी उपलब्ध रहेगा।

मराठी भाषा प्रवीणता परीक्षा में भी उपयोग

इन बॉडी कैमरों का इस्तेमाल केवल सड़क पर वाहन जांच तक सीमित नहीं रहेगा। ऑटो रिक्शा और टैक्सी चालकों के लिए आयोजित की जा रही मराठी भाषा प्रवीणता परीक्षा की वीडियो रिकॉर्डिंग के लिए भी इन कैमरों का उपयोग किया जा सकेगा।परीक्षा की रिकॉर्डिंग उपलब्ध रहने से परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने में मदद मिलने की उम्मीद है। किसी प्रकार की शिकायत या विवाद सामने आने पर रिकॉर्डिंग के आधार पर स्थिति की जांच की जा सकेगी।

अधिकारियों को दिया गया प्रशिक्षण

बॉडी कैमरों के इस्तेमाल को लेकर मोटर वाहन निरीक्षकों और संबंधित अधिकारियों को प्रशिक्षण भी दिया गया है। इसमें कैमरे का संचालन, रिकॉर्डिंग शुरू करना, बैटरी बदलना और रिकॉर्ड किए गए वीडियो को सुरक्षित रखने जैसी प्रक्रियाओं की जानकारी दी गई है।इन कैमरों में उच्च गुणवत्ता वाली वीडियो रिकॉर्डिंग, टच स्क्रीन, आगे और पीछे दोनों ओर कैमरे, जीपीएस तथा लाइव स्ट्रीमिंग जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। एक बार चार्ज करने के बाद कैमरे करीब 12 घंटे तक लगातार रिकॉर्डिंग कर सकते हैं।

बारिश और धूल में भी काम करेंगे कैमरे

आरटीओ कार्यालयों को उपलब्ध कराए गए बॉडी कैमरे जलरोधी और धूलरोधी बताए गए हैं। इसके चलते बारिश या धूल भरे वातावरण में भी इनका इस्तेमाल किया जा सकेगा।कैमरों को इस तरह डिजाइन किया गया है कि करीब दो मीटर की ऊंचाई से गिरने पर भी इनके खराब होने की संभावना कम रहे। इनमें नाइट विजन की सुविधा भी उपलब्ध है, जिसके माध्यम से अंधेरे में करीब 10 मीटर तक की दूरी की स्पष्ट रिकॉर्डिंग की जा सकती है।इससे रात के समय होने वाली सड़क किनारे वाहन जांच और अन्य कार्रवाई को भी रिकॉर्ड करना संभव होगा।

शिकायत और विवाद की स्थिति में बनेगा रिकॉर्ड

परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, वाहन जांच, परीक्षा और अन्य सरकारी कार्रवाई की वीडियो रिकॉर्डिंग उपलब्ध रहने से निष्पक्ष रिकॉर्ड तैयार रहेगा। भविष्य में यदि किसी कार्रवाई को लेकर शिकायत या विवाद उत्पन्न होता है, तो रिकॉर्डिंग के आधार पर वास्तविक स्थिति की जांच करने में सहायता मिल सकेगी।एक वरिष्ठ आरटीओ अधिकारी के अनुसार, बॉडी कैमरों का वितरण हाल ही में किया गया है। आने वाले समय में इनका उपयोग विभिन्न प्रकार की विभागीय कार्रवाई के दौरान किया जाएगा।

आरटीओ की कार्रवाई को कैमरे में रिकॉर्ड करने की व्यवस्था को परिवहन विभाग में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है

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