अकोला में अनधिकृत लेआउट पर प्रशासन का शिकंजा

फेरबदल प्रस्तावों को महापौर शारदा खेडकर का झटका; आरक्षण कायम रखने का फैसला

 

अकोला : महानगरपालिका के प्रस्तावित विकास आराखड़े में अनधिकृत फेरबदल और जमीनों के कथित अवैध उपविभाजन को लेकर महानगरपालिका प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। महापौर शारदा खेडकर ने अनधिकृत लेआउट के मामलों में संबंधित अधिकारियों, इंजीनियरों और आर्किटेक्टों की जिम्मेदारी तय करते हुए कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इस फैसले से अकोला में भूखंड माफियाओं को बड़ा झटका माना जा रहा है।महानगरपालिका के प्रस्तावित विकास योजना में कई स्थानों पर फेरबदल के प्रस्ताव सामने आए थे। इन प्रस्तावों पर नियोजन समिति में विस्तृत चर्चा के बाद महाराष्ट्र प्रादेशिक नियोजन व नगररचना अधिनियम, 1966 के प्रावधानों के तहत निर्णय लिया गया।

फेरबदल प्रस्तावों की सिफारिशें खारिज

प्रस्तावित M4, M8, M11, M16, M19, M23, M34, M35, M36, M37, M38, M39, M42, M45, M47, M48, M50, M52, M53, M54, M55, M57, M60, M61, M64, M65A, M66, M68, M69, M72, M74, M75, M77, M83, M86, M87, M89, M91, D10 (विशेष), D107 और D108 से संबंधित फेरबदल प्रस्तावों पर नियोजन समिति की सिफारिशों को खारिज कर दिया गया है।साथ ही कलम 26 के तहत प्रस्तावित आरक्षणों को कायम रखने को मंजूरी दी गई है। इस निर्णय से विकास आराखड़े में प्रस्तावित आरक्षणों में अनधिकृत बदलाव की संभावना पर रोक लगेगी।

इंजीनियर-आर्किटेक्ट के परमिट होंगे रद्द

महानगरपालिका क्षेत्र में कई स्थानों पर शैक्षणिक संस्थाओं सहित विभिन्न जमीनों का लेआउट तैयार किए जाने के मामले सामने आए हैं। ऐसे मामलों में यदि संबंधित लेआउट मालिक के साथ अधिकृत इंजीनियर अथवा आर्किटेक्ट की अनुमति या भूमिका सामने आती है, तो संबंधित इंजीनियर और आर्किटेक्ट के परमिट रद्द करने की कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।इसके अलावा अमेनिटी की जमीन से अनधिकृत रूप से किए गए भूखंडों के उपविभाजन के मामलों की भी जांच कर उन्हें रद्द करने के निर्देश दिए गए हैं।

‘पिंक झोन’ में स्कूल-कॉलेज की जमीन

स्कूल और महाविद्यालयों के उपयोग से संबंधित जमीन को सार्वजनिक अथवा अर्ध-सार्वजनिक उपयोग के लिए गुलाबी रंग के ‘पिंक झोन’ में दर्शाने का निर्णय लिया गया है। इससे ऐसी जमीनों के उपयोग और संरक्षण को लेकर स्थिति अधिक स्पष्ट होगी।

खदान क्षेत्रों में आरक्षण नहीं, TDR पर भी रोक की तैयारी

शहर में खदानों की जमीनों पर आरक्षण दर्शाकर उसके आधार पर TDR लेने की संभावना को देखते हुए महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। खदान क्षेत्रों में आरक्षण प्रस्तावित नहीं करने का प्रस्ताव शासन के पास भेजने को मंजूरी दी गई है, ताकि ऐसी जमीनों पर अनावश्यक विकास अधिकार निर्माण न हो।

सुधारित विकास आराखड़ा शासन को होगा पेश

नियोजन समिति द्वारा सुझाए गए फेरबदल प्रस्तावों में से संबंधित प्रस्तावों को खारिज करने, धारा 26 के तहत प्रस्तावित आरक्षणों को कायम रखने तथा अनधिकृत लेआउट पर कार्रवाई के बाद सुधारित विकास आराखड़ा शासन के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।महापौर शारदा खेडकर के इन निर्देशों को अकोला शहर के नियोजन में पारदर्शिता और नियमों के पालन की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। विशेष रूप से अनधिकृत लेआउट, अमेनिटी जमीन के अवैध उपविभाजन और भूखंडों के कथित गैरकानूनी इस्तेमाल पर प्रशासन की सख्ती से संबंधित लोगों में हड़कंप मचने की संभावना है।

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