मुंबई- बढ़ती महंगाई के दौर में बेटियों की शादी गरीब और निम्न आय वर्ग के परिवारों के लिए बड़ी चुनौती बनती जा रही है। इसी समस्या को देखते हुए महाराष्ट्र सरकार कन्यादान योजना चला रही है, जिसके जरिए जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक सहायता दी जाती है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य सामूहिक विवाह को बढ़ावा देना और शादी में होने वाले भारी खर्च को कम करना है।
सरकारी जानकारी के अनुसार, योजना के तहत सामूहिक विवाह में शामिल नवविवाहित जोड़ों को ₹25,000 की सहायता राशि दी जाती है। इसके अलावा विवाह समारोह आयोजित करने वाली पंजीकृत संस्थाओं को प्रति जोड़ा ₹4,000 का अनुदान भी दिया जाता है।
महाराष्ट्र सरकार कन्यादान योजना के तहत ₹25,000 की सहायता
यह योजना खासतौर पर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए शुरू की गई है। योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक का महाराष्ट्र का स्थायी निवासी होना जरूरी है। दुल्हन की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और दूल्हे की आयु 21 वर्ष तय की गई है। विवाह सामूहिक विवाह कार्यक्रम के अंतर्गत होना चाहिए।
आवेदन के समय आधार कार्ड, निवास प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, बैंक खाते की जानकारी, आयु प्रमाण पत्र, पासपोर्ट साइज फोटो और विवाह पंजीकरण से जुड़े दस्तावेज जमा करने होते हैं। सरकार का कहना है कि राशि सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है, जिससे पारदर्शिता बनी रहती है।
बेटियों की शादी सम्मानजनक तरीके से कर पाना आसान
कन्यादान योजना के लिए आवेदन संबंधित सरकारी विभाग या अधिकृत संस्था के माध्यम से किया जा सकता है। कई जिलों में ऑनलाइन आवेदन की सुविधा भी शुरू की गई है, जिससे प्रक्रिया पहले से आसान हो गई है। महाराष्ट्र सरकार की इस योजना से ग्रामीण क्षेत्रों में सामूहिक विवाह कार्यक्रमों को बढ़ावा मिला है और जरूरतमंद परिवारों पर आर्थिक बोझ कम हुआ है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह योजना केवल आर्थिक सहायता नहीं बल्कि महिला सशक्तिकरण और बाल विवाह रोकने की दिशा में भी अहम कदम साबित हो रही है। कई परिवारों ने कहा है कि इस मदद से बेटियों की शादी सम्मानजनक तरीके से कर पाना आसान हुआ है।

