
मुंबई- महाराष्ट्र सरकार ने गुरुवार को बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 11 आईएएस अधिकारियों के तबादले और नई पदस्थापना के आदेश जारी किए हैं। इस फेरबदल के तहत राज्य के कई महत्वपूर्ण विभागों, जिला परिषदों और जनजातीय विकास परियोजनाओं में अधिकारियों की जिम्मेदारियां बदली गई हैं। सरकार के इस फैसले के बाद प्रशासनिक स्तर पर कई अहम पदों पर नए चेहरे नजर आएंगे।
रवींद्र खेबुडकर को GSDA पुणे की जिम्मेदारी
तबादला आदेश के अनुसार, सिंधुदुर्ग जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) रवींद्र खेबुडकर को जीएसडीए, पुणे का आयुक्त नियुक्त किया गया है। उनके स्थानांतरण के साथ ही सिंधुदुर्ग जिला परिषद में भी नई नियुक्ति की गई है।
गजेंद्र बावने की नई पदस्थापना
जीएसडीए, पुणे के आयुक्त गजेंद्र बावने को महाराष्ट्र राज्य विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड (MSEDCL), छत्रपति संभाजीनगर में संयुक्त प्रबंध निदेशक के पद पर नियुक्त किया गया है। उन्हें अब बिजली वितरण से जुड़े प्रशासनिक कार्यों की जिम्मेदारी संभालनी होगी।
सिंधुदुर्ग और यवतमाल को मिले नए CEO
सरकार ने डॉ. अपूर्वा बसुर को सिंधुदुर्ग जिला परिषद का नया सीईओ नियुक्त किया है। वहीं, विशाल खत्री को यवतमाल जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इन नियुक्तियों से दोनों जिलों के प्रशासनिक नेतृत्व में बदलाव हुआ है।
2024 बैच के अधिकारियों को भी नई जिम्मेदारी
तबादला आदेश में वर्ष 2024 बैच के कई आईएएस अधिकारियों को भी नई जिम्मेदारियां दी गई हैं। अनन्या रेड्डी को डहाणू, पालघर में परियोजना अधिकारी और सहायक कलेक्टर नियुक्त किया गया है। वहीं, पीके सिद्धार्थ रामकुमार को जव्हार, पालघर में परियोजना अधिकारी तथा सहायक कलेक्टर की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
जनजातीय विकास परियोजनाओं पर भी फोकस
नई पदस्थापनाओं में पालघर के डहाणू और जव्हार जैसे जनजातीय क्षेत्रों को भी शामिल किया गया है। इन क्षेत्रों में परियोजना अधिकारी और सहायक कलेक्टर के रूप में युवा आईएएस अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। माना जा रहा है कि नई जिम्मेदारियों के जरिए स्थानीय प्रशासन और जनजातीय विकास योजनाओं के क्रियान्वयन को गति देने पर जोर रहेगा।महाराष्ट्र सरकार के इस प्रशासनिक फेरबदल में जिला प्रशासन से लेकर महत्वपूर्ण विभागों तक कई स्तरों पर अधिकारियों की जिम्मेदारियां बदली गई हैं।नए अधिकारियों के कार्यभार संभालने के बाद संबंधित विभागों और जिलों में प्रशासनिक कामकाज की दिशा में बदलाव देखने को मिल सकता है



