मुंबई- महाराष्ट्र देवेंद्र फडणवीस सरकार की कैबिनेट बैठक में राज्य के स्वास्थ्य, आधारभूत संरचना, तकनीक और ग्रामीण विकास को रफ्तार देने के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं. कैबिनेट ने नागपुर में एक महत्वाकांक्षी चिकित्सा परियोजना को मंजूरी देने के साथ-साथ राज्य की नई ग्रामीण पेयजल नीति और स्वचालित प्रणाली (ड्रोन) नीति-2026 को भी हरी झंडी दिखा दी है. कैबिनेट बैठक में लिए गए प्रमुख फैसलों का विस्तृत विवरण इस प्रकार है.
नागपुर में हाई एनर्जी मेडिकल साइक्लोट्रॉन परियोजना (NHECP)
चिकित्सीय उपचारों और बीमारियों के सटीक निदान के लिए नागपुर में हाई एनर्जी मेडिकल साइक्लोट्रॉन परियोजना स्थापित की जाएगी. चिकित्सा शिक्षा एवं औषधि विभाग की यह परियोजना मध्य भारत की एकमात्र और बेहद महत्वाकांक्षी परियोजना होगी. इससे विभिन्न गंभीर रोगों की जांच और इलाज में बड़ी मदद मिलेगी, जिससे जरूरतमंद मरीजों को बड़ी राहत पहुंचेगी.
महाराष्ट्र ग्रामीण पेयजल नीति-2026
जलापूर्ति एवं स्वच्छता विभाग के प्रस्ताव पर ‘महाराष्ट्र ग्रामीण पेयजल नीति-2026’ की घोषणा की गई है. इस नीति का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट का स्थायी समाधान करना है. विभिन्न योजनाओं का एकीकरण कर राज्य के गांवों में स्वच्छ, कीटाणुरहित और गुणवत्तापूर्ण पानी सुनिश्चित करने के लिए दीर्घकालिक नियोजन किया जाएगा.
महाराष्ट्र अनमैन्ड सिस्टम्स (स्वचालित प्रणाली) नीति-2026
राज्य में ड्रोन और रोबोटिक्स तकनीक को बढ़ावा देने के लिए ‘अनमैन्ड सिस्टम्स नीति-2026’ को लागू किया गया है. इलेक्ट्रॉनिक्स, आईटी और एआई विभाग की इस नीति के तहत कृषि, हवाई, समुद्री और जमीनी स्तर पर जोखिमपूर्ण कार्यों के लिए स्वचालित प्रणालियों (ड्रोन/रोबोट) के निर्माण को प्रोत्साहन दिया जाएगा. इससे अनुसंधान (R&D) और मानव संसाधन प्रशिक्षण को भी नई दिशा मिलेगी.
डिजिटल कनेक्टिविटी: संशोधित भारतनेट कार्यक्रम को मंजूरी
राज्य के हर कोने तक बेहतर इंटरनेट कनेक्टिविटी पहुंचाने के लिए ‘संशोधित भारतनेट कार्यक्रम’ (Amended Bharat Net Program) के प्रभावी क्रियान्वयन को मंजूरी दी गई है. इसके लिए महानेट डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (MDIL) के नाम से एक विशेष प्रयोजन वाहन (Special Purpose Vehicle – SPV) की स्थापना की जाएगी.
विकसित भारत-जी राम जी योजना में कानूनी बदलाव
राज्य के योजना विभाग के प्रस्ताव पर ‘विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम, 2025’ के अनुरूप ‘महाराष्ट्र रोजगार गारंटी अधिनियम, 1977’ में आवश्यक संशोधन करने को कैबिनेट ने मंजूरी दी है. इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आवश्यक कानूनी प्रावधानों और अध्यादेश जारी करने को भी हरी झंडी मिल गई है.
जाति वैधता प्रमाणपत्र के लिए 6 महीने का अंतिम विस्तार
स्थानीय स्वशासन संस्थाओं (मुंबई महानगरपालिका, नगर पालिका, नगर परिषद आदि) में आरक्षित सीटों से चुनकर आए जनप्रतिनिधियों को बड़ी राहत दी गई है. कैबिनेट ने निर्वाचित प्रतिनिधियों को अपना ‘जाति वैधता प्रमाणपत्र’ जमा करने के लिए 6 महीने की अंतिम समय-वृद्धि (Extension) को मंजूरी दी है. इसके लिए संबंधित नगर निगम और नगर पालिका अधिनियमों में संशोधन किया जाएगा.




