अकोला (दैनिक दिव्य हिन्दी) – खरीफ सीजन के दौरान अकोला जिले में यूरिया और डीएपी खाद खरीदने के लिए कृषि सेवा केंद्रों पर किसानों की भारी भीड़ उमड़ रही है। इसी बीच खाद की कालाबाजारी और गैर-किसानों द्वारा खरीदारी की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने सख्त निर्देश जारी किए हैं।
जिला अधीक्षक कृषि अधिकारी कार्यालय, अकोला द्वारा जारी आदेश के अनुसार अब यूरिया और डीएपी खरीदने वाले प्रत्येक व्यक्ति की किसान के रूप में पहचान सत्यापित की जाएगी। इसके लिए 7/12 (सातबारा) उतारा और आधार कार्ड की प्रति अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करनी होगी।
प्रशासन ने खाद वितरण पर भी सीमा तय की है। एक किसान को उसकी आवश्यकता के अनुसार प्रति फेरी न्यूनतम 1 बैग और अधिकतम 5 बैग यूरिया या डीएपी ही दिए जाएंगे। किसी भी व्यक्ति को निर्धारित सीमा से अधिक खाद का भंडारण या वितरण नहीं किया जाएगा।
इसके अलावा सभी थोक और खुदरा खाद विक्रेताओं को निर्देश दिए गए हैं कि वे प्रत्येक बिक्री का रिकॉर्ड आवश्यक दस्तावेजों के साथ अद्यतन रखें। प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि किसी कृषि सेवा केंद्र में अनियमितता, जमाखोरी या कालाबाजारी पाई गई तो संबंधित केंद्र के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जिला प्रशासन का कहना है कि इन उपायों का उद्देश्य वास्तविक किसानों को समय पर पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराना और कालाबाजारी पर प्रभावी रोक लगाना है।





