
मंत्रालय में आयोजित समीक्षा बैठक में कृषि मंत्री भरणे ने कहा कि एचडीएफसी एर्गो इंश्योरेंस कंपनी द्वारा फसल बीमा दावों के निपटारे में हुई त्रुटियों, किसानों की आपत्तियों और कंपनी की कार्यप्रणाली की गहन जांच की जानी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि तकनीकी कारणों के चलते कोई भी किसान सहायता से वंचित नहीं रहना चाहिए।बैठक में श्रम मंत्री आकाश फुंडकर, कृषि राज्यमंत्री एड. आशीष जयसवाल, विधायक हरीश पिंपले, कृषि विभाग के सचिव परिमल सिंह, कृषि आयुक्त सूरज मांढरे, कृषि संचालक विनयकुमार आवटे, अकोला जिलाधिकारी वर्षा मीना, बीमा कंपनी के प्रतिनिधि तथा भारतीय किसान संघ के पदाधिकारी उपस्थित थे।
कृषि मंत्री ने प्रशासन को निर्देश दिए कि अब तक संभागीय आयुक्त और जिलाधिकारी स्तर पर हुई बैठकों की रिपोर्ट और कार्यवृत्त राज्य सरकार को तत्काल उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष और विस्तृत जांच कर आपदा प्रभावित किसानों के हित में उचित निर्णय लिया जाएगा।फसल बीमा मुआवजे को लेकर अकोला जिले के किसानों द्वारा लगातार शिकायतें किए जाने के बाद सरकार ने इस मामले में सक्रिय हस्तक्षेप किया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई और किसानों को राहत देने संबंधी निर्णय लिए जाने की संभावना है।



