मुंबई- वाहन मालिकों के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। देशभर में वाहनों के मालिकाना हक के हस्तांतरण और नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) से जुड़ी सेवाओं के लिए एक समान स्टैंडर्ड ऑनलाइन प्रक्रिया लागू की गई है। इन सेवाओं का लाभ लेने के लिए आवेदक का आधार ऑथेंटिकेशन अनिवार्य कर दिया गया है।भारत सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में ऑनलाइन परिवहन सेवाओं को एक समान तरीके से लागू करने के लिए वाहन मालिकाना हस्तांतरण और NOC सेवा की संशोधित कार्यप्रणाली तय की है। संबंधित प्राधिकरण की मंजूरी के बाद अब सेवाओं को इसी प्रक्रिया के तहत प्रोसेस किया जा रहा है।
RC और आधार में नाम अलग होने पर क्या करें?
यदि वाहन के रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC) और आधार कार्ड में दर्ज नाम में अंतर है, तो वाहन-4.0 सिस्टम पर आवेदन के दौरान अलर्ट मैसेज दिखाई दे सकता है। ऐसी स्थिति में वाहन मालिक को पहले आधार और RC में दर्ज विवरण की जांच करनी होगी।नाम या अन्य जरूरी जानकारी में अंतर होने पर संबंधित दस्तावेजों में सुधार कराना जरूरी होगा। पिन कोड अपडेट करने के लिए आधार केंद्र जाने तथा कॉन्टैक्टलेस सेवाओं का लाभ लेने के लिए RTO से संपर्क करने या मोबाइल ऑथेंटिकेशन के माध्यम से आवेदन करने का विकल्प दिया गया है।
सुधार के बाद ही करें आवेदन
RC और आधार कार्ड में नाम संबंधी गड़बड़ी दूर होने के बाद वाहन-4.0 सिस्टम में जरूरी सुधार कराकर आधार ऑथेंटिकेशन प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इसके बाद ही वाहन के मालिकाना हक के हस्तांतरण या NOC के लिए आवेदन किया जा सकेगा।जॉइंट ट्रांसपोर्ट कमिश्नर (आईटी) शैलेश कामत ने वाहन मालिकों से अपील की है कि वे वाहन से जुड़ी विभिन्न ऑनलाइन सेवाओं का आसानी से लाभ लेने के लिए आधार कार्ड में अपना नाम, पता और मोबाइल नंबर सही और अपडेट रखें।
आधार विवरण अपडेट रखना जरूरी
नई व्यवस्था के तहत वाहन संबंधी ऑनलाइन सेवाओं में आधार प्रमाणीकरण महत्वपूर्ण हो गया है। इसलिए वाहन मालिकों को सलाह दी गई है कि वे आवेदन करने से पहले RC और आधार कार्ड में दर्ज अपना नाम और अन्य जरूरी विवरण जांच लें। किसी तरह का अंतर होने पर पहले उसे ठीक कराना बेहतर होगा, ताकि मालिकाना हस्तांतरण और NOC जैसी सेवाओं के आवेदन में परेशानी न आए।




