मुंबई: महाराष्ट्र सरकार ने राज्य के सब-रजिस्ट्रार कार्यालयों को आधुनिक और सुविधायुक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। सरकार राज्य में 60 आदर्श सब-रजिस्ट्रार कार्यालय (मॉडल SRO) विकसित करेगी। इनमें देश और राज्य का पहला मॉडल सब-रजिस्ट्रार कार्यालय पुणे के कोथरूड में शुरू किया जाएगा।इन मॉडल कार्यालयों की स्थापना और प्रबंधन ई-निविदा प्रक्रिया के माध्यम से निजी संस्था के जरिए किया जाएगा। इसका उद्देश्य नागरिकों को पंजीकरण से जुड़ी सेवाएं अधिक सुविधाजनक और आधुनिक तरीके से उपलब्ध कराना है।मॉडल सब-रजिस्ट्रार कार्यालयों की स्थापना के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली उच्चाधिकार समिति से मंजूरी मिलने के बाद निविदा प्रक्रिया पूरी कर ली गई है।
सरकार मौजूदा पंजीकरण व्यवस्था को आधुनिक तकनीक, बेहतर बुनियादी सुविधाओं और नागरिकों के लिए सुविधाजनक सेवाओं से लैस करना चाहती है। मॉडल SRO में आधुनिक व्यवस्था के जरिए पंजीकरण प्रक्रिया को अधिक सुगम बनाने पर जोर दिया जाएगा।
पहले चरण में 6 शहरों का चयन
राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले के अनुसार, पहले चरण में छह प्रमुख शहरों में 30 नए आदर्श सब-रजिस्ट्रार कार्यालय स्थापित करने को मंजूरी दी गई है।
इनमें शामिल हैं:
- मुंबई
- ठाणे
- पुणे
- नागपुर
- नासिक
- छत्रपति संभाजीनगर
इन शहरों में चरणबद्ध तरीके से मॉडल SRO विकसित किए जाएंगे।
60 नए पदों को भी मंजूरी
मॉडल सब-रजिस्ट्रार कार्यालयों के सुचारू संचालन के लिए सरकार ने 60 नए पदों को भी मंजूरी दी है। संबंधित निजी एजेंसी को आगामी पांच वर्षों तक इन कार्यालयों के निर्माण और प्रबंधन की जिम्मेदारी दी जाएगी।सरकार के अनुसार, इन कार्यालयों की स्थापना और संचालन पर होने वाला खर्च नागरिकों से लिए जाने वाले प्रीमियम शुल्क के माध्यम से पूरा किया जाएगा।
पंजीकरण व्यवस्था को मिलेगा नया स्वरूप
मॉडल SRO के जरिए महाराष्ट्र में सब-रजिस्ट्रार कार्यालयों की कार्यप्रणाली को आधुनिक बनाने की योजना है। सरकार का दावा है कि तकनीक और बेहतर सुविधाओं के इस्तेमाल से नागरिकों को पंजीकरण संबंधी सेवाएं अधिक व्यवस्थित और सुविधाजनक तरीके से मिल सकेंगी।पुणे के कोथरूड में शुरू होने वाला पहला मॉडल SRO इस नई व्यवस्था का महत्वपूर्ण केंद्र होगा।




