मुंबई- महाराष्ट्र विधानमंडल के आगामी मानसून सत्र की तारीखों का आधिकारिक ऐलान कर दिया गया है। आगामी 22 जून से शुरू होकर यह सत्र 10 जुलाई तक चलेगा। राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा की हरी झंडी के बाद सचिवालय ने इसका शेड्यूल जारी किया, जिसके बाद राज्य में सियासी पारा चढ़ गया है।
मुंबई में महाराष्ट्र विधानसभा के मानसून सत्र का कार्यक्रम तय कर दिया गया है। यह निर्णय विधानमंडल की कार्य-सलाहकार समिति की बैठक में लिया गया। 22 जून से 10 जुलाई तक यानी लगभग लगभग तीन सप्ताह तक चलने वाले इस सत्र में विधानसभा की कार्यवाही सुबह 11 बजे से और विधान परिषद की कार्यवाही दोपहर 12 बजे से शुरू होगी। राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा की मंजूरी के बाद विधिमंडल सचिवालय ने इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना जारी की है।
हंगामेदार होगा महाराष्ट्र विधानसभा का मानसून सत्र
राज्य की मौजूदा स्थिति को देखते हुए यह सत्र काफी हंगामेदार रहने की संभावना है। इस दौरान बढ़ते अपराध, किसानों की कर्जमाफी, मानसून पूर्व तैयारियों में खामियां, प्याज उत्पादक किसानों की समस्याएं तथा खाद और बीज की कमी जैसे मुद्दों पर विपक्ष सरकार को घेर सकता है। इसके अलावा नौकरियों में समान आरक्षण समाप्त करने की चर्चाएं और अनुसूचित जातियों के उपवर्गीकरण का मुद्दा भी सत्र में प्रमुख रूप से उठने की संभावना है।
सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली महायुति सरकार विधानसभा के मानसून सत्र में कुछ महत्वपूर्ण विधेयक भी पेश कर सकती हैं। विपक्ष के हमलों का जवाब देने के लिए सत्ताधारी दल भी आक्रामक रुख अपनाने की तैयारी में है। ऐसे में यह मानसून सत्र राजनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
बिजनेस एडवाजरी कमेटी की बैठक में ये रहे मौजूद
विधानभवन में आयोजित विधानमंडल की कार्य-सलाहकार समिति (Business Advisory Committee) की बैठक में विधान परिषद के सभापति प्राे. राम शिंदे, विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार, विधानसभा उपाध्यक्ष अण्णा बनसोडे, उच्च शिक्षा, यांत्रिक शिक्षा और संसदीय मामलों के मंत्री चंद्रकांत पाटिल, खाद्य और नागरिक आपूर्ति मंत्री छगन भुजबल उपस्थित थे।




