अकोला जिला आपूर्ति अधिकारी रविंद्र यन्नावार की चेतावनी, अपात्र लाभार्थियों से योजना से स्वेच्छा से बाहर निकलने की अपील
अकोला- राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के तहत राशन का लाभ लेने वाले उच्च आय वर्ग के लोगों को अब योजना से स्वेच्छा से बाहर निकलने की अपील की गई है। सरकार का उद्देश्य है कि अनाज सब्सिडी का लाभ अधिक से अधिक गरीब, जरूरतमंद और पात्र परिवारों तक पहुंच सके। यदि उच्च आय वर्ग के अपात्र लोग राशन योजना का लाभ लेते पाए गए, तो उनका राशन कार्ड स्थायी रूप से रद्द किया जा सकता है। यह चेतावनी जिला आपूर्ति अधिकारी रविंद्र यन्नावार ने दी है।
जरूरतमंदों तक अनाज पहुंचाना प्राथमिकता
जिला आपूर्ति अधिकारी ने बताया कि नागरिकों को खाद्य एवं पोषण सुरक्षा उपलब्ध कराने तथा उचित दरों पर पर्याप्त मात्रा में गुणवत्तापूर्ण अनाज देने के उद्देश्य से देश में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 लागू किया गया है। महाराष्ट्र में इस अधिनियम का क्रियान्वयन 1 फरवरी 2014 से शुरू हुआ था।
राशन वितरण प्रणाली में पारदर्शिता लाने के लिए राशन कार्ड प्रबंधन प्रणाली (RCMS) पोर्टल पर प्रत्येक राशन कार्ड के लाभार्थियों के आधार कार्ड जोड़े जा रहे हैं। साथ ही, संबंधित जानकारी को ऑनलाइन प्रणाली में अपडेट किया गया है। इसका उद्देश्य पात्र लाभार्थियों को नियमित रूप से अनाज उपलब्ध कराना और वितरण में होने वाली गड़बड़ियों को रोकना है।
ई-पॉस मशीन से हो रहा मुफ्त अनाज वितरण
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के अंतर्गत जिले में पात्र अंत्योदय राशन कार्डधारक परिवारों और प्राथमिकता प्राप्त परिवारों (PHH) को उचित मूल्य की दुकानों के माध्यम से हर महीने मुफ्त अनाज वितरित किया जा रहा है। वितरण के दौरान ई-पॉस मशीन पर अंगूठे का निशान लेकर लाभार्थियों की पहचान सुनिश्चित की जाती है।
प्रशासन का कहना है कि योजना का लाभ वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुंचना चाहिए। इसलिए उच्च आय वर्ग में आने वाले ऐसे राशन कार्डधारकों को योजना से बाहर निकलने की प्रक्रिया पूरी करनी चाहिए, जो निर्धारित पात्रता के दायरे में नहीं आते हैं।
राशन कार्ड को NPH या सफेद श्रेणी में बदलने की अपील
जिला आपूर्ति अधिकारी ने उच्च आय वर्ग के अपात्र लाभार्थियों से अपील की है कि वे स्वयं आगे आकर खाद्यान्न सब्सिडी का लाभ लेना बंद करें। इसके लिए अपने संबंधित तहसील कार्यालय के आपूर्ति विभाग में जाकर आवेदन जमा करें।
ऐसे राशन कार्डों को गैर-प्राथमिकता घरेलू (NPH) या सफेद राशन कार्ड श्रेणी में वर्गीकृत कराने की प्रक्रिया पूरी की जा सकती है। प्रशासन के अनुसार, इससे गरीब परिवारों, मजदूरों और अन्य पात्र लाभार्थियों के लिए योजना का लाभ सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
अपात्र पाए जाने पर कार्ड रद्द करने की चेतावनी
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि उच्च आय वर्ग के ऐसे लोग, जो योजना के लिए पात्र नहीं हैं, यदि उचित मूल्य की दुकानों से अनाज लेते पाए जाते हैं या उनके राशन कार्ड खाद्यान्न योजना के लाभार्थियों में दर्ज मिलते हैं, तो नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। इसमें अनाज का लाभ बंद करने और राशन कार्ड रद्द करने की कार्रवाई शामिल है। जिला आपूर्ति अधिकारी ने ऐसे मामलों में राशन कार्ड स्थायी रूप से रद्द किए जाने की भी चेतावनी दी है।
प्रशासन ने नागरिकों से की अपील
जिला प्रशासन ने उच्च आय वर्ग के अपात्र राशन कार्डधारकों से खाद्यान्न सब्सिडी छोड़ने की प्रक्रिया पूरी करने, संबंधित तहसील कार्यालय में आवेदन जमा करने और प्रशासन को सहयोग देने का आह्वान किया है।
साथ ही, नागरिकों से किसी भी तरह की अफवाहों पर विश्वास नहीं करने की अपील की गई है। प्रशासन का कहना है कि योजना का लाभ सही और जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाने के लिए पात्रता के नियमों का पालन करना आवश्यक है।

