टोक्यो मोदी-बाइडेन की मुलाकात; PM बोले भारत अमेरिका के बीच भरोसे की साझेदारी; साझा हितों ने इसे मजबूत बनाया

टोक्यो- जापान में क्वाड समिट के बाद PM मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने द्विपक्षीय मुलाकात की। इस दौरान बाइडेन ने कोरोना काल में भारत के काम को सराहा। वहीं, PM मोदी ने कहा कि भारत और अमेरिका की साझेदारी सही मायने में विश्वास की साझेदारी है। हमारे साझा हितों ने हमारे दोनों देशों के बीच विश्वास के इस बंधन को मजबूत किया है।

इससे पहले समिट में बाइडेन ने कोरोना महामारी से निपटने को लेकर PM मोदी के काम की तारीफ की। एक सीनियर अफसर के मुताबिक, बाइडेन ने महामारी से निपटने में चीन और भारत की तुलना करते हुए चीन को असफल करार दिया

PM मोदी बोले- हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा प्राथमिकता
क्वाड समिट में बोलते हुए PM मोदी ने कहा कि क्वाड की सफलता के पीछे सभी सहयोगी देशों की निष्ठा है। कोरोना के समय हम सबने मिलकर सप्लाई चेन के जरिए इसे निपटने का हरसंभव प्रयास किया। प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा हम सबकी पहली प्राथमिकता है। क्वाड ने बहुत ही कम समय में एक अहम पहचान हासिल किया है।

इस दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन लगातार चुनौती खड़ा कर रहा है। उन्होंने यूक्रेन युद्ध के लिए रूस को जिम्मेदार ठहराया है। बाइडेन ने कहा कि रूस जंग खत्म करने के मूड में नहीं है। वहीं, जापानी PM फुमियो किशिदा ने कहा कि यूक्रेन पर रूस का हमला यूनाइटेड नेशंस चार्टर के खिलाफ है।

क्वाड मीटिंग में शामिल होने पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित अन्य क्वाड देशों के नेता।
क्वाड मीटिंग में शामिल होने पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित अन्य क्वाड देशों के नेता।

अमेरिका में ग्रेजुएशन के लिए क्वाड फेलोशिप की शुरुआत

जापानी PM फुमियो किशिदा, ऑस्ट्रेलियाई PM एंथनी अल्बनीज, US प्रेसिडेंट जो बाइडेन और PM मोदी। (बाएं से दाएं क्रम में)
जापानी PM फुमियो किशिदा, ऑस्ट्रेलियाई PM एंथनी अल्बनीज, US प्रेसिडेंट जो बाइडेन और PM मोदी। (बाएं से दाएं क्रम में) क्वाड देशों के चारों लीडर्स ने समिट के दौरान क्वाड फेलोशिप का ऐलान किया है। यह फेलोशिप अमेरिका में साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और मैथमैटिक्स फील्ड में ग्रेजुएशन करने वाले 100 अमेरिकी, ऑस्ट्रेलियाई, भारतीय और जापानी स्टूडेंट्स को दी जाएगी।

जापानी प्रधान मंत्री फुमियो किशिदा ने कहा- यह फेलोशिप चारों देशों के लिए एक पुल की तरह काम करेगा। इससे हम हिंद-प्रशांत क्षेत्र और दुनिया भर की कई चुनौतियों का समाधान करने के लिए सशक्त होंगे

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