स्कूलों की मनमानी पर सख्ती, “दैनिक दिव्य हिन्दी” खबर का असर एक ही दुकान से खरीद की बाध्यता खत्म,

अकोला- दैनिक दिव्य हिन्दी प्रतिनिधि: अभिभावकों पर एक ही दुकान से स्कूल यूनिफॉर्म, किताबें और अन्य शैक्षणिक सामग्री खरीदने का दबाव बनाने वाले स्कूलों पर अब सख्ती शुरू हो गई है।
“दैनिक दिव्य हिन्दी न्यूज़” द्वारा लगातार उठाए गए इस मुद्दे का असर अब साफ दिखाई दे रहा है।
महाराष्ट्र शासन के प्राथमिक व माध्यमिक शिक्षा विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, किसी भी स्कूल को छात्रों या अभिभावकों को किसी विशेष दुकान से सामग्री खरीदने के लिए बाध्य करने की अनुमति नहीं होगी। महाराष्ट्र शासन के प्राथमिक शिक्षा संचालनालय, पुणे तथा अकोला जिला परिषद के शिक्षाधिकारी कार्यालय ने भी सभी स्कूलों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि इस आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए।

महाराष्ट्र शासन के प्राथमिक शिक्षा संचालनालय, पुणे द्वारा जारी परिपत्र क्र. प्राशिसं/संकिर्ण-802/माशाव्य/2026 दिनांक 13.04.2026
तथा जिला परिषद अकोला शिक्षाधिकारी कार्यालय के पत्र  ज.क्र. शिक्षा/माध्यमिक/5857/2026, दिनांक 16.04.2026 के अनुसार स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि कोई भी स्कूल छात्रों या अभिभावकों को किसी विशेष दुकान से सामग्री खरीदने के लिए बाध्य नहीं कर सकता।

सरकारी आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि:

किसी एक दुकान से खरीदारी के लिए दबाव बनाना नियमों का उल्लंघन है, शिकायत मिलने पर संबंधित स्कूल के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी

इसके अलावा, CBSE के वर्ष 2017 के नियमों के अनुसार भी किसी स्कूल को अपने प्रीमाइसेस में किसी प्रकार की व्यावसायिक गतिविधि करने की अनुमति नहीं है।

जिसमें शामिल हैं: स्कूल परिसर में किताबों की बिक्री यूनिफॉर्म (कपड़े) की बिक्री अन्य शैक्षणिक सामग्री की बिक्री
यदि कोई स्कूल इन नियमों का उल्लंघन करता है, तो यह सीधे तौर पर नियमानुसार कार्रवाई के दायरे में आता है।
“दैनिक दिव्य हिन्दी न्यूज़” द्वारा इस विषय को प्रमुखता से उठाए जाने के बाद अब प्रशासन सक्रिय हुआ है, जिससे अभिभावकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

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