मुंबई- महाराष्ट्र के उच्च और तकनीकी शिक्षा विभाग ने राज्य के लाखों छात्रों के हित में एक क्रांतिकारी निर्णय लिया है। उच्च और तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने बुधवार को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि अब छात्रों को अपने आधिकारिक डिग्री प्रमाणपत्र के लिए दीक्षांत समारोह के आयोजन तक महीनों इंतजार करने की आवश्यकता नहीं होगी। अब डिग्री डिजीलॉकर पर उपलब्ध होगी।
छात्रों के करियर की राह होगी आसान
अक्सर देखा जाता है कि फाइनल ईयर के परिणाम घोषित होने और वास्तविक दीक्षांत समारोह के बीच एक लंबा समय अंतराल होता है। इस बीच, कई मेधावी छात्र विदेशी विश्वविद्यालयों में उच्च शिक्षा, स्कॉलरशिप, इंटर्नशिप या सरकारी और निजी नौकरियों के लिए आवेदन करते हैं। डिग्री प्रमाणपत्र के अभाव में कई बार छात्रों के हाथ से सुनहरे अवसर निकल जाते हैं। इसी समस्या को गंभीरता से लेते हुए मंत्री पाटिल ने कहा कि प्रक्रियागत देरी के कारण किसी भी छात्र का भविष्य प्रभावित नहीं होना चाहिए।
डिजीलॉकर (DigiLocker) बनेगा गेम चेंजर
मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने विभाग को निर्देश दिए हैं कि जैसे ही परीक्षा परिणाम घोषित हो और आवश्यक सत्यापन (Verification) की प्रक्रिया पूरी हो जाए, संबंधित यूनिवर्सिटी को तुरंत छात्र का डिजिटल प्रमाणपत्र डिजीलॉकर पर अपलोड कर देना चाहिए। छात्रों को अब यूनिवर्सिटी के चक्कर काटने की जरूरत नहीं होगी; डिजिटल हस्ताक्षर युक्त डिग्री हर जगह मान्य होगी।मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने कहा कि राज्य की सभी यूनिवर्सिटीज को डिग्री अपलोड करने के लिए एक जैसा सिस्टम अपनाना होगा। उन्होंने इस संबंध में जल्द से जल्द सरकारी प्रस्ताव (GR) जारी करने के निर्देश दिए हैं।
सुरक्षा और सुविधा पर जोर
चंद्रकांत पाटिल ने आगे बताया कि डिजीलॉकर एक सुरक्षित माध्यम है, जहां से छात्र अपनी शैक्षणिक योग्यता के दस्तावेज कभी भी और कहीं भी एक्सेस कर सकते हैं। यह कदम न केवल पारदर्शिता लाएगा, बल्कि भ्रष्टाचार और फर्जीवाड़े की गुंजाइश को भी कम करेगा। राज्य सरकार का यह कदम डिजिटल इंडिया की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है, जिससे महाराष्ट्र के उच्च शिक्षा तंत्र में आधुनिकता और गति आएगी।




