महाराष्ट्र में गहराया सूखे का संकट: 265 के साथ अब 19 और तालुकों में होगा फसलों का सर्वे

महाराष्ट्र में इस साल कम बारिश के कारण सूखे जैसे हालात बेहद गंभीर होते जा रहे हैं। किसानों को राहत पहुंचाने और नुकसान का सही आकलन करने के लिए राज्य सरकार ने एक्शन प्लान तैयार किया है। ट्रिगर-1 की लिस्ट में शामिल 265 तालुकों के अलावा 19 अन्य तालुकों में भी सूखे की गंभीरता का आकलन किया जाएगा।कृषि आयुक्तालय द्वारा राज्य के सभी जिलाधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं कि प्रभावित क्षेत्रों में फसलों के नुकसान का जायजा लेने के लिए पंचनामा और सर्वेक्षण का काम युद्ध स्तर पर पूरा किया जाए।

265 तालुकों में 100% पंचनामा अनिवार्य

कृषि आयुक्तालय ने 5 अक्टूबर को सभी जिलाधिकारियों को पत्र भेजा है। पत्र में कहा गया है कि जिन 265 तालुकों में ट्रिगर-1 लागू है, वहां 100 प्रतिशत फसल पंचनामा तुरंत पूरा किया जाए। इन 265 तालुकों में पंचनामा भौतिक और डिजिटल दोनों तरह से किया जाएगा। संबंधित किसानों के हस्ताक्षर लेने के साथ ही इन पंचनामों को ग्राम पंचायत और पंचायत समिति के स्तर पर सार्वजनिक भी करना होगा।

महाराष्ट्र के 19 नए तालुकों में होगा 20% सर्वे

महाराष्ट्र सरकार द्वारा घोषित ट्रिगर-1 की सूची वाले 265 तालुकों के अलावा 19 अन्य तालुकों में भी सूखे की गंभीरता का आकलन किया जाएगा। इन 19 तालुकों में प्रमुख 5 फसलों का 20 प्रतिशत सर्वेक्षण और जमीनी जांच करने को कहा गया है। इस सर्वेक्षण की रिपोर्ट तैयार कर कृषि आयुक्तालय के माध्यम से मंत्रिमंडल उपसमिति के सामने रखी जाएगी।सरकारी पत्र के साथ जारी परिशिष्ट के अनुसार अतिरिक्त सर्वेक्षण के लिए 8 जिलों के कुल 19 तालुकों को शामिल किया गया है। इनमें नांदेड़, चंद्रपुर, गोंदिया, वर्धा, भंडारा, नासिक, सतारा और सांगली जिले शामिल हैं

8 जिलों के 19 तालुकों की लिस्ट

  • नांदेड़: मुदखेड़, मुखेड़ और अर्धापुर
  • चंद्रपुर: जिवती, ब्रह्मपुरी और बल्लारपुर
  • गोंदिया: आमगांव, देवरी, सालेकसा और गोंदिया
  • वर्धा: कारंजा
  • भंडारा: मोहाड़ी और तुमसर
  • नासिक: त्र्यंबकेश्वर, चांदवड़ और निफाड
  • सातारा: पाटण
  • सांगली: शिराला और वालवा

अधिकारियों को सख्त निर्देश

महाराष्ट्र सरकार ने सभी संबंधित जिलाधिकारियों और कृषि अधिकारियों को इन निर्देशों का तुरंत और मुस्तैदी से पालन करने का आदेश दिया है। इसके साथ ही, की गई कार्रवाई और दैनिक प्रगति रिपोर्ट कृषि विभाग को ई-मेल के माध्यम से भेजने का निर्देश दिया गया है।

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