मुंबई : राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में अग्निवीरों और सूखाग्रस्त क्षेत्रों के नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाने की जानकारी सामने आई है। अग्निवीर के रूप में चार वर्ष की सेवा पूरी करने वाले जवानों को राज्य की सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत समानांतर आरक्षण देने का निर्णय लिया गया है। इससे सेवा पूरी करने के बाद अग्निवीरों को सरकारी रोजगार के अवसर मिलने में मदद मिलेगी।केंद्र सरकार की अग्निपथ योजना के तहत चार वर्ष की सेवा पूरी करने वाले अग्निवीरों के लिए आगे रोजगार के विभिन्न अवसरों और सुविधाओं का प्रावधान है। इसी तर्ज पर महाराष्ट्र में भी अग्निवीरों को सरकारी सेवा में अवसर उपलब्ध कराने के लिए यह निर्णय लिया गया है।
अग्निवीरों को सरकारी नौकरी में 10 प्रतिशत आरक्षण
अग्निवीर के रूप में देशसेवा पूरी करने वाले जवानों को महाराष्ट्र की सरकारी भर्तियों में 10 प्रतिशत समानांतर आरक्षण दिया जाएगा। इससे चार वर्ष की सेवा पूरी करने के बाद अग्निवीरों को अपने करियर के लिए एक अतिरिक्त अवसर मिलेगा।समानांतर आरक्षण के तहत संबंधित प्रवर्ग की उपलब्ध सीटों में पात्र उम्मीदवारों के लिए अवसर सुनिश्चित किए जाते हैं। हालांकि, यह आरक्षण किन-किन पदों पर लागू होगा, पात्रता की शर्तें क्या होंगी और इसकी प्रभावी तिथि क्या होगी, इसकी विस्तृत जानकारी शासन के आगामी आदेश में स्पष्ट होने की संभावना है।
सूखाग्रस्त क्षेत्रों को भी राहत
राज्य में सूखे की स्थिति की समीक्षा के दौरान ऐसे कुछ तालुकों और क्षेत्रों पर भी विचार किया गया, जो पहले सूखा राहत के दायरे से बाहर रह गए थे। ऐसे क्षेत्रों को भी राहत देने का निर्णय मंत्रिमंडल की बैठक में लिए जाने की जानकारी है।सूखे के कारण खेती, फसलों के नुकसान और ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिकों पर आर्थिक असर पड़ा है। ऐसे में राहत से वंचित क्षेत्रों का दोबारा विचार कर उन्हें आवश्यक सहायता और रियायतें देने की दिशा में सरकार की ओर से कदम उठाए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने दिए महत्वपूर्ण निर्देश
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सूखा राहत के संबंध में संबंधित विभागों को विभिन्न निर्देश दिए हैं।
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सूखा राहत मंत्रिमंडल उपसमिति की बैठक नियमित रूप से लेने के निर्देश।
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जो तालुके मौजूदा मानदंडों में शामिल नहीं हैं, उनके लिए अन्य मानदंडों के आधार पर राहत का प्रस्ताव प्रस्तुत करने को कहा।
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पानी के उपयोग को लेकर स्पष्ट शासनादेश जारी करने के निर्देश।
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पीने के पानी के साथ पशुओं के लिए पानी की व्यवस्था को भी प्राथमिकता देने की सूचना।
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जिला योजना समिति के माध्यम से अधिक से अधिक काम सूखा राहत से संबंधित करने पर जोर।
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पालकमंत्रियों को स्थानीय स्तर पर आवश्यक और प्रभावी निर्णय लेने पर ध्यान देने के निर्देश।
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दसवीं और बारहवीं के विद्यार्थियों से परीक्षा शुल्क लेकर बाद में वापस करने के बजाय पहले ही शुल्क नहीं लेने के संबंध में निर्देश।
शासन आदेश के बाद स्थिति होगी स्पष्ट
अग्निवीरों को सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत समानांतर आरक्षण और सूखाग्रस्त क्षेत्रों को राहत देने के निर्णय से संबंधित वर्गों को लाभ मिलने की उम्मीद है। हालांकि, दोनों निर्णयों की वास्तविक अंमलबजावणी, पात्रता, लागू होने वाले पद तथा राहत का स्वरूप शासन की ओर से जारी होने वाले आगामी आदेशों के बाद अधिक स्पष्ट होगा।




