भारतीय रेलवे की स्पीड देखिए, सालभर में कारखाने में बना दिए 367 इंजन,अफ्रीकी देश में भी दौड़ेंगे

नई दिल्ली. भारतीय रेलवे के बनारस रेल इंजन कारखाना(बरेका) ने एक रिकार्ड कायम किया है। वित्‍तीय वर्ष 2021-22 के दौरान अब तक के सर्वाधिक रेल इंजनों का निर्माण कर एक नया कीर्तिमान स्‍थापित किया है । इस वित्‍तीय वर्ष मोजाम्बिक(Country in East Africa) को निर्यात 04 रेल इंजनों सहित कुल 367 रेल इंजनों का निर्माण किया गया, जो अपने आप में एक बहुत बड़ी उपलब्धि है। इन 367 रेल इंजनों में यात्री रेल इंजन WAP7 कुल 31, मालवाहक रेल इंजन WAG9 कुल 332 एवं मोजाम्बिक के लिए 4 रेल इंजन सम्मिलित हैं।

मान के साथ कमाई भी बढ़ी
बरेका ने वित्‍तीय वर्ष 2021-22 में निर्यातीत लोको से 60.68 करोड़ एवं वर्ष 2011 से अब तक कुल 704 करोड़ तथा गैर रेलवे ग्राहकों से वर्ष 2011 से अब तक 1837 करोड़ राजस्‍व हासिल किया है।  वर्ष 2021-22 में बरेका ने निर्यातित रेल इंजनों के पुर्जों से 6.09 करोड़ राजस्‍व की प्राप्ति की। यह पिछले वर्ष 2020-21 में 1.08 करोड़ थी, जो पिछले वर्ष की तुलना में 464 प्रतिशत अधिक है। गैर रेलवे ग्राहकों से रेल इंजनों के पूर्जों के आपूर्ति से 16.4 करोड़ की राजस्‍व प्राप्ति हुई। यह पिछले वर्ष 2020-21 में 8.29 करोड़ थी, जो तुलनात्‍मक रूप से 98.6 प्रतिशत अधिक रहा।

अफ्रीकी देशों तक पहुंचा भारतीय रेल इंजन

बरेका में बनने वाले डीजल लोकोमोटिव अफ्रीका में अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं। इन इंजनों का उद्घाटन औपचारिक रूप से मोजाम्बिक के राष्ट्रपति ने 11 फरवरी 2022 को बीरा, मोजाम्बिक में जिम्बाब्वे के और भारत के उच्चायुक्त की उपस्थिति में किया था। हाल में मेसर्स राइट्स के अधिकारियों के साथ जिम्बाब्वे के राष्ट्रीय रेलवे की पांच सदस्यीय उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने भारत का दौरा किया।

ये प्रतिनिधिमंडल पहुंचा था बरेका
महाप्रबंधक बरेका अंजली गोयल ने जिम्बाब्वे बोर्ड के अध्यक्ष एनआरजेड एडवोकेट मार्टिन तफारा दीन्हा, बोर्ड के सदस्य इलेश कुमार पटेल, महाप्रबंधक  रेस्पिना ज़िनांडुको, ट्रैक्शन एंड क्वालिटी लवमोर कटोन्हा और क्षेत्रीय अभियंता त्सेत्सी एनडलोवु को बैठक के दौरान बधाई दी। राइट्स और उन्हें अपने निर्यात आदेशों को पूरा करने में पूर्ण समर्थन और मुस्तैदी का आश्वासन दिया। महाप्रबंधक बरेका ने ज़िम्बाब्वे की टीम को यह भी आश्वासन दिया कि बरेका ज़िम्बाब्वे के राष्ट्रीय रेलवे के आर्थिक विकास और आधुनिकीकरण में भाग लेने के लिए बहुत उत्सुक है। ज़िम्बाब्वे के राष्ट्रीय रेलवे की टीम ने बरेका  में उपलब्ध निर्माण सुविधाओं को देखने के लिए 29 मार्च को बनारस रेल इंजन कारखाना का दौरा किया था।

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