अब राज्यभर में बेमुद्दत बंद का ऐलान

मुंबई – राज्य के अनेक जिलों में HTBT (Herbicide Tolerant Bt Cotton) बीज को लेकर एक बेहद गंभीर और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, पिछले सीजन में करीब 80 प्रतिशत किसानों की फसल प्रभावित हुई या पूरी तरह खराब हो गई, HTBT के साथ साथ नकली बीज भी बड़ा कारण है, लेकिन इसके बावजूद एक भी आधिकारिक शिकायत दर्ज नहीं हुई।

शिकायत क्यों नहीं?

डर बना सबसे बड़ी वजह सूत्रों के अनुसार, किसानों की चुप्पी के पीछे सबसे बड़ा कारण है कानूनी डर। HTBT बीज खरीदना और बोना अवैध इसकी बिक्री करना भी गंभीर अपराध शिकायत करने पर किसान खुद कार्रवाई के दायरे में आ सकता है इसी वजह से किसान भारी नुकसान के बावजूद सामने नहीं आ रहे हैं।.

एक-दूसरे को फंसाने का सिलसिला ?

इस मामले में एक और चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है- जिन किसानों की फसल खराब हुई, वे सच्चाई छुपा रहे हैं
कुछ किसान दूसरों को “अच्छी पैदावार” का दावा कर वही बीज लेने को प्रेरित कर रहे हैं खुद इस साल यह बीज नहीं बोएंगे, लेकिन दूसरों को जोखिम में डाल रहे हैं

राज्य में पहुंच चुकी है पूरी खेप

सूत्रों के अनुसारः HTBT बीज की पूरी खेप राज्य में पहुंच चुकी है एजेंटों के माध्यम से किसानों तक पहुंचाने की तैयारी हो रही है कई जगहों पर गुप्त बिक्री शुरू होने की जानकारी है यानी, इस साल भी बड़े स्तर पर वही स्थिति दोहराए जाने की आशंका है क्या और अगर एसा होता है तो इसका जवाबदार कोन रहेंगा. यानी, नुकसान छुपाकर दूसरे किसानों को उसी जाल में फंसाया जा रहा है

सबसे बड़ा सवाल : कृषि विभाग की अनदेखी क्यों?.

अब इस पूरे मामले मे प्रशासन की भूमिका पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं जिला कृषि अधिकारी और क्वालिटी कंट्रोल विभाग आखिर क्यों निष्क्रिय हैं? अवैध बीज बाजार तक कैसे पहुंच रहा है? गांव-गांव तक सप्लाई नेटवर्क कैसे सक्रिय है? निगरानी व्यवस्था कहां फेल हो रही है?

अगर अभी कार्रवाई नहीं हुई तो…

यदि कृषि विभाग तुरंत सख्ती नहीं करता अवैध बीज बिक्री पर रोक नहीं लगाई जाती तो इस वर्ष भी हजारों किसान परिवार आर्थिक संकट में आ सकते हैं उनका परिवार उधास्थ हो सकता है ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर गहरा असर पड़ सकता है

अब निर्णय का समय

HTBT बीज का यह मामला अब सिर्फ खेती नहीं, बल्कि किसानों के भविष्य, बाजार की पारदर्शिता और प्रशासन की जवाबदेही का मुद्दा बन चुका है। सरकार को तुरंत हस्तक्षेप करना होगा अवैध नेटवर्क पर कार्रवाई जरूरी है और किसानों को सही जानकारी देना अब सबसे बड़ी प्राथमिकता है

कृषि मंत्री की सख्त चेतावनी : दोषी विक्रेताओं पर तुरंत कार्रवाई

राज्य के कृषि मंत्री दत्ता मामा भरने का कहना है कि बीज व कृषि सामग्री से जुड़े मामलों में इस बार सरकार बेहद सख्त रुख अपना रही है। दैनिक दिव्य हिंदी के मुंबई आवृत्ती के संपादक से भ्रमण ध्वनी पर मा. मंत्री महोदय ने स्पष्ट किया कि हाल ही में इस विषय पर एक विशेष बैठक आयोजित की गई, जिसमें कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। मंत्री महोदय ने बताया कि गुणवत्ता नियंत्रण अधिकारियों के अधिकार फिर से बढ़ा दिए गए हैं।जांच व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए पदों की संख्या में भी बढ़ोतरी की जा रही है।

उन्होंने साफ कहा कि यदि कोई कृषि विक्रेता या कंपनी दोषी पाई जाती है तो उसका लाइसेंस तुरंत रद्द किया जाएगा।
उस स्थान पर नया लाइसेंस जारी नहीं किया जाएगा। जिस व्यक्ति का लाइसेंस रद्द हुआ है, उसके नाम पर भी भविष्य में नया लाइसेंस न मिले इसके साथ ही लाइसेंस निलंबन की अवधि को भी सख्त करते हुए 6 महीने तक रखा गया है। मंत्री महोदय ने दोहराया कि किसानों के हितों के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी। वही महाराष्ट्र कृषि विक्रेता संघ के बंद के संदर्भ में २८ अप्रैल को एक बैठक भी बुलाई है.

महाराष्ट्र में कृषि विक्रेताओं की मांगें तेज, सरकार से न्याय की अपील

महाराष्ट्र फर्टिलाइजर, पेस्टिसाइड्स एंड सीड्स डीलर एसोसिएशन के राज्य अध्यक्ष विनोद पाटिल ने दैनिक दिव्य हिंदी से बातचीत में राज्य सरकार से कृषि विक्रेताओं की मांगों को गंभीरता से लेने की अपील की है। उन्होंने कहा कि सरकार को चाहिए कि वह विक्रेताओं के हितों की रक्षा करते हुए उन्हें न्याय दिलाए, ताकि व्यापार में पारदर्शिता और संतुलन बना रहे।
साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में सभी दुकानदार और कंपनियां निर्धारित नियमों का पालन करें अगर वे कोई नियम तोड़ता है। तो उन पर नियमानुसार कार्यवाही हो सकती हैं।

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