जल्द ही सस्ता होंगा खाद तेल सरकार ने महंगाई पर अंकुश लगाने के लिए खाद्य तेलों से आयात शुल्क हटाया

नई दिल्ली: केंद्रीय सरकार ने कच्चे सोयाबीन तेल और कच्चे सूरजमुखी तेल  को लेकर एक बड़ा फैसला किया है। सरकार ने इन तेलों के आयात पर कस्टम ड्यूटी और एग्रिकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट सेस  से छूट दे दी है। सरकार के फैसले के तहत 2 साल तक दोनों तेलों के 20-20 लाख टन के आयात की इजाजत दे दी है। अभी देश में खाने के तेल की बढ़ी कीमतों से लोग काफी परेशान हैं, ऐसे में सरकार का ये फैसला लोगों को महंगाई से लड़ने में काफी राहत  देने वाला साबित होगा।
वित्त मंत्रालय की ओर से जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक, वित्त वर्ष 2022-23 और 2023-24 में प्रत्येक वर्ष 20 लाख टन कच्चे सोयाबीन और सूरजमुखी तेल के आयात पर कोई शुल्क नहीं लगेगा। केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआइसी) ने ट्वीट कर कहा है कि इस कदम से महंगाई पर अंकुश लगेगा और आम आदमी को राहत मिलेगी। भारत अपनी जरूरत का 60 फीसदी खाद्य तेल आयात करता है। महंगाई में खाद्य तेल की प्रमुख भागीदारी है और पिछले तीन महीनों से खाद्य तेल के खुदरा दाम में 15 फीसदी से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।अभी देश में क्या है खाने की तेल की हालत
मंडियों में सरसों की आवक घटने के कारण सरसों दाना की कीमतों में सुधार आया, जबकि सरसों के बाकी तेलों के दाम पूर्वस्तर पर रहे। मांग होने के बीच सोयाबीन तिलहन के दाम पूर्वस्तर पर रहे पर सोयाबीन तेल कीमतों में गिरावट आई। सीपीओ और पामोलीन तेल के दाम भी गिरावट के साथ बंद हुए। बिनौला तेल कीमतों में गिरावट रही जबकि मूंगफली तेल-तिलहन के भाव पूर्वस्तर पर बने रहे।

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