महाराष्ट्र बनेगा देश का पहला रेल फाटक मुक्त राज्य

CM फडणवीस ने MahaRail की बैठक में 65 प्रोजेक्ट को दी मंजूरी

मुंबई- मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने रेलवे लेवल क्रॉसिंग पर रोड ओवर ब्रिज (ROB) और अंडरपास बनाकर महाराष्ट्र को रेल फाटक-मुक्त राज्य बनाने के विषय पर एक बैठक की अध्यक्षता की। MahaRail के मैनेजिंग डायरेक्टर राजेश कुमार जायसवाल ने चल रही परियोजनाओं और महाराष्ट्र को रेल फाटक-मुक्त राज्य बनाने के लिए मुख्य पहलों की वर्तमान स्थिति के बारे में जानकारी दी।महाराष्ट्र रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (MahaRail) को कुल 131 प्रोजेक्ट्स पर काम करना है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई बैठक में इनमें से पहले चरण के लिए 65 प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी गई।

यह बैठक सह्याद्रि गेस्ट हाउस में हुई। लोक निर्माण मंत्री शिवेंद्रसिंह राजे भोसले ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक में हिस्सा लिया, जबकि लोक निर्माण राज्य मंत्री इंद्रनील नाईक और विधायक प्रसाद लाड मौजूद थे। MahaRail राज्य के लोक निर्माण और शहरी विकास विभागों के अधिकार क्षेत्र में आने वाली सड़कों पर रेलवे ओवरब्रिज, पैदल यात्रियों के लिए पुल और अंडरपास से जुड़े प्रोजेक्ट्स को पूरा करेगा। बैठक में इन मामलों पर विस्तार से चर्चा हुई और मुख्यमंत्री फडणवीस ने कई निर्देश जारी किए।

CM फडणवीस ने महारेल की बैठक में दिए ये निर्देश

सीएम फडणवीस ने बैठक में कहा कि महाराष्ट्र में किसी भी रेलवे लाइन पर एक भी लेवल क्रॉसिंग नहीं होनी चाहिए। राज्य को रेलवे लेवल क्रॉसिंग से मुक्त बनाने के लिए रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास किया जाना चाहिए। इसके अलावा, मेट्रोपॉलिटन इलाकों में रेलवे लाइनों के आसपास बढ़ते शहरीकरण को देखते हुए, लोगों की आवाजाही को आसान बनाने के लिए जरूरत के हिसाब से इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स शुरू किए जाने चाहिए।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि मंजूरी मिले 65 प्रोजेक्ट्स में से उन जगहों पर इंफ्रास्ट्रक्चर के काम पूरे करने को प्राथमिकता दी जानी चाहिए जहां ‘TVU’ (ट्रेन व्हीकल यूनिट) की संख्या 25,000 से 100,000 के बीच है और जहां जमीन अधिग्रहण की जरूरत कम से कम है।

80 रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की योजना तैयार

बढ़ते शहरीकरण को देखते हुए, शहरों के लिए 80 रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की योजना बनाई गई है। इन प्रोजेक्ट्स के लिए संबंधित म्युनिसिपल कमिश्नरों और जिला कलेक्टरों की एक कमेटी बनाई जाएगी। यह कमेटी योजनाबद्ध कामों की जांच करेगी, जिसके बाद ‘महारेल’ उन्हें पूरा करने का काम करेगी।

लोक निर्माण विभाग के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी मिलिंद म्हैसकर ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक में हिस्सा लिया। HUDCO के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर संजय कुलश्रेष्ठ, एडिशनल चीफ सेक्रेटरी (शहरी विकास) असीम कुमार गुप्ता, एडिशनल चीफ सेक्रेटरी (वित्त) ओ. पी. गुप्ता, एडिशनल चीफ सेक्रेटरी (राजस्व) विकास खर्गे और सेक्रेटरी (योजना) शैला ए. आदि बैठक में मौजूद थे। महारेल के मैनेजिंग डायरेक्टर राजेश कुमार जायसवाल ने बैठक के दौरान एक प्रेजेंटेशन दिया।

किस शहर को मिली कितनी रेलवे परियोजनाएं?

महाराष्ट्र में कुल 80 प्रस्तावित रेलवे बुनियादी ढांचा परियोजनाएं विभिन्न शहरों में प्रस्तावित हैं। इनमें सबसे अधिक 17 परियोजनाएं मुंबई महानगर क्षेत्र में प्रस्तावित हैं, जबकि पुणे शहर में 15 और नागपुर में 13 परियोजनाएं शामिल हैं।

शहर/क्षेत्र परियोजनाएं
मुंबई महानगर क्षेत्र 17
पुणे 15
नागपुर 13
नासिक 5
अमरावती 5
सांगली 4
छत्रपति संभाजीनगर 3
कोल्हापुर 3
धुले 3
लातूर 3
परभणी 3
सोलापुर 2
जलगांव 2
अहिल्यानगर 1
नांदेड़ 1
कुल 80

नागपुर में ट्रैफिक और नए फ्लाईओवर की योजना

मुख्यमंत्री फडणवीस ने अधिकारियों को चेताया है कि नागपुर शहर में बने फ्लाईओवर पर भविष्य में वाहनों की बढ़ती संख्या के कारण चौराहों पर भारी ट्रैफिक जाम की स्थिति बन सकती है, जिसे रोकने के लिए अभी से ठोस उपाय किए जाने चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने अमरावती-बडनेरा रूट पर मौजूद पुराने फ्लाईओवर की जगह एक नया और आधुनिक रेलवे फ्लाईओवर बनाने के निर्देश भी दिए। सीएम ने कहा कि महारेल को इन सभी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को प्राथमिकता के आधार पर अलग-अलग फेज में जल्द से जल्द पूरा करना चाहिए।

फंडिंग सिस्टम और प्रशासनिक बदलाव के निर्देश

इन विकास कार्यों की फंडिंग के लिए CM फडणवीस ने HUDCO से लोन लेने का सुझाव दिया है। उन्होंने कहा कि HUDCO को बैंक लोन से अलग एक खास फंडिंग सिस्टम तैयार करना चाहिए और बाजार की प्रतिस्पर्धा को देखते हुए सरकार को कम ब्याज दर पर लोन देना चाहिए। इसके अलावा, महारेल कॉर्पोरेशन को पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट (PWD) के प्रशासनिक नियंत्रण में लाने की प्रक्रिया को तेज करने का निर्देश दिया गया है, साथ ही यह भी साफ किया गया है कि महारेल द्वारा पूरे किए जा चुके कामों का पेमेंट राज्य सरकार द्वारा तुरंत किया जाए।

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