राज्य के 358 में से 265 तालुकों में सूखा घोषित किया गया है। यानी करीब 75 प्रतिशत तालुके सूखे की चपेट में हैं।
मुंबई/अकोला : महाराष्ट्र में सूखे की स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने ट्रिगर-1 के तहत प्रभावित क्षेत्रों में सूखा घोषित करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 24 सितंबर को वाशिम समेत प्रभावित क्षेत्रों के दौरे के दौरान इसकी घोषणा की थी। सरकार ने कहा है कि प्रारंभिक घोषणा में छूटे क्षेत्रों को आगे ट्रिगर-3 के तहत ग्राउंड ट्रुथिंग के आधार पर शामिल किया जा सकेगा।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, राज्य के 265 तालुकों में सूखा घोषित किए जाने की बात सामने आई है। इससे प्रभावित किसानों को विभिन्न राहत एवं सहायता योजनाओं का लाभ मिलने का रास्ता खुल गया है। हालांकि, अंतिम प्रशासनिक आंकड़े और सरकारी आदेश के अनुसार तालुकों की संख्या की पुष्टि करना उचित होगा।
किसानों को मिलेंगी ये राहत
सरकार की घोषित राहत व्यवस्था में प्रमुख रूप से—
- जमीन के महसूल में छूट
- फसल ऋण के पुनर्गठन की सुविधा
- कृषि से संबंधित कर्ज की वसूली पर स्थगन
- कृषि पंपों के बिजली बिल में राहत
- विद्यार्थियों को परीक्षा शुल्क में छूट
- रोजगार गारंटी योजना के तहत अधिक काम शुरू करना
- आवश्यकता वाले क्षेत्रों में पीने के पानी के टैंकर
- किसानों और खेत मजदूरों के लिए खाद्यान्न की व्यवस्था
- पशुओं के लिए चारे और पानी की व्यवस्था
- बड़े पैमाने पर जल संरक्षण के कार्य
- प्रभावित क्षेत्रों में कृषि पंपों की बिजली कनेक्शन कटौती से राहत
- नुकसान के पंचनामे तत्काल पूरा करने के निर्देश
- फसलों की स्थिति के फोटोग्राफ और GPS आधारित जानकारी का संकलन
मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा है कि केंद्र सरकार से सहायता मिलने की प्रतीक्षा किए बिना राज्य सरकार अपने स्तर पर प्रभावित किसानों को तत्काल राहत देने की दिशा में काम करेगी।
फसलों पर सूखे का गंभीर असर
कम बारिश और लंबे समय तक बारिश के खिंचने से महाराष्ट्र के कई हिस्सों में सोयाबीन, कपास, उड़द और तूर जैसी खरीफ फसलों को नुकसान पहुंचा है। सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में पंचनामा और फसल स्थिति का आकलन करने की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए हैं।




