अकोला- जिले में बढ़ते तापमान और हीटवेव के खतरे को देखते हुए प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है। जिलाधिकारी वर्षा मीना ने उष्माघात (हीट स्ट्रोक) से बचाव के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को पूरी तरह सुसज्जित रखने के निर्देश दिए हैं।जिलाधिकारी कार्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने कहा कि सभी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में हीट स्ट्रोक से निपटने के लिए आवश्यक तैयारी पूरी रखी जाए। जिले के शासकीय, ग्रामीण अस्पतालों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में कुल 137 बेड आरक्षित किए गए हैं तथा ओआरएस और आवश्यक दवाओं का पर्याप्त भंडार रखने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन ने शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में जनजागरूकता बढ़ाने पर भी जोर दिया है। ग्रामीण इलाकों में दवंडी (घोषणा) के माध्यम से तथा शहरों में कचरा गाड़ियों, होर्डिंग्स, पोस्टर और ऑडियो-वीडियो माध्यमों से लोगों को जागरूक किया जाएगा। इस कार्य में स्वयंसेवी संस्थाओं की भी मदद ली जाएगी।जिलाधिकारी ने औद्योगिक इकाइयों और संस्थानों को निर्देश दिए हैं कि वे कामगारों के लिए पेयजल, कूलर और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराएं। साथ ही, दोपहर के समय भारी श्रम से बचने और गर्म स्थानों जैसे बॉयलर रूम या उच्च तापमान वाले कार्यस्थलों पर सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चे, 65 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं और गंभीर बीमारियों से ग्रस्त लोग हीट स्ट्रोक के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं, इसलिए उन्हें विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
उष्माघात के लक्षणों में अत्यधिक पसीना आना, तेज प्यास लगना, त्वचा का सूखना, 102 डिग्री से अधिक बुखार, चक्कर आना, सिरदर्द, बेचैनी, उल्टी या बेहोशी शामिल हैं। ऐसे लक्षण दिखने पर तुरंत नजदीकी अस्पताल में उपचार लेने की सलाह दी गई है।
बचाव के उपाय:
- सिर को ढककर रखें (टोपी, रुमाल या छाता)
- हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें
- दोपहर 12 से 4 बजे के बीच घर में रहें
- अधिक पानी, छाछ, नींबू पानी और नारियल पानी का सेवन करें
क्या न करें:
- दोपहर में धूप में काम न करें
- नंगे पैर धूप में न चलें
- बच्चों या पालतू जानवरों को बंद गाड़ी में न छोड़ें
- शराब, चाय, कॉफी और ज्यादा मीठे/कार्बोनेटेड पेय से बचें
अंत में प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे सावधानी बरतें और हीटवेव के दौरान अपने स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें।



