पुलिस वीरता पदक से लेकर छात्रावास कर्मचारियों के मानदेय और विद्यार्थियों के भत्तों में बढ़ोतरी को मंजूरी

पुलिसकर्मियों को मिलेगा मुख्यमंत्री वीरता पदक
पुलिस बल के अधिकारियों और कर्मचारियों की बहादुरी को सम्मानित करने के लिए “मुख्यमंत्री वीरता पदक” शुरू करने का निर्णय लिया गया है। पदक के साथ 50 हजार रुपये नकद पुरस्कार, पदक और प्रशस्तिपत्र प्रदान किया जाएगा।कर्तव्य के दौरान जोखिमपूर्ण भूमिका निभाने वाले पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के वर्षभर के प्रदर्शन को ध्यान में रखकर चयन किया जाएगा। इस वर्ष 1 जनवरी 2026 से किए गए कार्यों को चयन के लिए विचार में लिया जाएगा। इसके लिए तीन स्तरीय समितियां गठित की जाएंगी। हर वर्ष महाराष्ट्र दिवस यानी 1 मई की पूर्व संध्या पर वीरता पदक की घोषणा की जाएगी और मुख्यमंत्री के हाथों पुरस्कार प्रदान किया जाएगा।
वडार समुदाय को खनन में राहत
वडार समुदाय के लिए पारंपरिक उत्खनन और खनन कार्यों में लघु खनिजों पर रॉयल्टी से जुड़ी राहत बढ़ाने का फैसला किया गया है। अब वार्षिक खनन सीमा 200 ब्रास से बढ़ाकर 500 ब्रास करने को मंजूरी दी गई है।इसके लिए महाराष्ट्र भूमि राजस्व (लघु खनिज खनन एवं निष्कर्षण) नियम, 1968 में संशोधन किया जाएगा।
उच्च शिक्षा में अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा
उच्च एवं तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में अनुसंधान, नवाचार और आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देने के लिए “मुख्यमंत्री सृष्टि” योजना को शिक्षण संस्थानों में लागू करने की मंजूरी दी गई है।इस योजना का उद्देश्य उच्च शिक्षा संस्थानों में अनुसंधान, नवाचार और तकनीकी विकास को प्रोत्साहित करना है। योजना के अंतर्गत सार्वजनिक विश्वविद्यालयों, सरकारी उच्च एवं तकनीकी शिक्षा संस्थानों, सरकारी तकनीकी महाविद्यालयों सहित इंस्टीट्यूट ऑफ केमिकल टेक्नोलॉजी (आईसीटी), मुंबई, कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग टेक्नोलॉजी यूनिवर्सिटी, पुणे और डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, लोणेरे को शामिल किया गया है।
पुलिस हिरासत में मृत्यु पर मुआवजा नीति
पुलिस हिरासत में अप्राकृतिक मृत्यु होने पर मृतक के कानूनी वारिसों को समय पर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए व्यापक मुआवजा नीति को मंजूरी दी गई है। इसका उद्देश्य ऐसी परिस्थितियों में प्रभावित परिवारों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है।
रियायती छात्रावास कर्मचारियों के मानदेय में वृद्धि
सामाजिक न्याय विभाग के अंतर्गत गैर सरकारी संगठनों द्वारा संचालित रियायती छात्रावासों के कर्मचारियों के मानदेय में बढ़ोतरी को मंजूरी दी गई है।इस निर्णय का लाभ राज्य के लगभग 2,388 रियायती छात्रावासों में कार्यरत कर्मचारियों को मिलेगा। अधीक्षक, रसोइया, सहायक और चौकीदार के मानदेय में वृद्धि की गई है।
स्वाधार योजना के तहत विद्यार्थियों को बढ़ा अनुदान
भारत रत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर स्वाधार योजना के तहत मिलने वाले अनुदान में वृद्धि को मंजूरी दी गई है। अनुसूचित जाति और नव-बौद्ध वर्ग के उन विद्यार्थियों को इसका लाभ मिलेगा, जो 11वीं, 12वीं तथा 12वीं के बाद के व्यावसायिक और गैर-व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में अध्ययनरत हैं।सरकारी छात्रावास में प्रवेश के लिए पात्र होने के बावजूद आवेदन करने के बाद प्रवेश नहीं मिलने वाले विद्यार्थियों को भोजन, आवास और शैक्षणिक सुविधाओं के लिए मिलने वाले भत्तों में वृद्धि की गई है।
आदिवासी विद्यार्थियों के भत्तों में संशोधन
अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों के लिए पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्वयं योजना के अंतर्गत दिए जाने वाले भत्तों में संशोधन को भी कैबिनेट ने मंजूरी दी है। इससे योजना के तहत पात्र आदिवासी विद्यार्थियों को मिलने वाली आर्थिक सहायता में बदलाव होगा।
आंदोलन के बाद छात्रावास मुद्दे पर निर्णय
बैठक में सामाजिक न्याय, जनजातीय और ओबीसी विभागों के स्कूलों एवं छात्रावासों से जुड़े विषयों पर भी चर्चा हुई। छात्रावासों की समस्याओं को लेकर अभिजीत दिपके द्वारा उठाए गए मुद्दे के बाद मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई अवसंरचना बैठक में भी इस विषय पर चर्चा की गई थी। इसके बाद आज की कैबिनेट बैठक में रियायती छात्रावासों के कर्मचारियों के मानदेय में वृद्धि सहित विद्यार्थियों से जुड़े कई निर्णय लिए गए।



