मनपा आयुक्त डॉ. सुनील लहाने के आदेश; महान जलाशय में सिर्फ 18.87% उपयोगी जलसाठा
अकोला-अकोला शहर में संभावित भीषण जलसंकट को देखते हुए महानगरपालिका प्रशासन ने पानी की बचत और नियंत्रित उपयोग के लिए कड़े कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। मनपा क्षेत्र में नए बोरवेल (कूपनलिका) खोदने पर प्रतिबंध लगाने के साथ ही व्यावसायिक गतिविधियों में मनपा के नल के पानी के इस्तेमाल पर भी कड़े प्रतिबंध लगाए गए हैं। मनपा आयुक्त डॉ. सुनील लहाने ने नागरिकों, सोसायटियों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से पानी का अत्यंत सावधानी से इस्तेमाल करने की अपील की है।
मनपा के अनुसार, अकोला शहर को पानी उपलब्ध कराने वाली काटेपूर्णा परियोजना (महान) में 1 अक्टूबर 2026 को केवल 16.29 दलघमी यानी 18.87 प्रतिशत उपयोगी जलसाठा उपलब्ध था। पूरे मानसून के बावजूद जलग्रहण क्षेत्र में पर्याप्त बारिश नहीं होने के कारण आगामी दिनों में शहर को गंभीर जलसंकट का सामना करना पड़ सकता है।
33 किलोमीटर का सफर तय कर शहर तक पहुंचता है पानी
मनपा प्रशासन ने नागरिकों से भावनात्मक अपील करते हुए कहा है कि घरों तक पहुंचने वाला पानी काटेपूर्णा जलाशय से करीब 33 किलोमीटर का सफर तय करके आता है। पानी की एक-एक बूंद बचाना अब सामूहिक जिम्मेदारी है। प्रशासन ने नागरिकों से आज से ही पानी का नियोजन करने और अनावश्यक इस्तेमाल पूरी तरह रोकने का आह्वान किया है।
नल में टोटी लगाना अनिवार्य
हर घर में नल पर टोटी या वाल्व लगाना अनिवार्य किया गया है। नल में सीधे मोटर लगाकर पानी खींचने पर रोक रहेगी। आवश्यक पानी लेने के बाद नल तत्काल बंद करने की अपील की गई है। नियमों का पालन नहीं करने पर संबंधित नल कनेक्शन काटने की कार्रवाई की जा सकती है।
निर्माण कार्यों में मनपा के पानी के इस्तेमाल पर रोक
नए मकान, इमारत, प्लास्टर, स्लैब और क्युरिंग सहित किसी भी प्रकार के निर्माण कार्य के लिए मनपा के नल के पानी का इस्तेमाल करने पर सख्त प्रतिबंध लगाया गया है।
कार वॉश, सर्विस सेंटर, होटल और स्विमिंग पूल पर भी प्रतिबंध
कार वॉश सेंटर, सर्विस सेंटर, होटल, लॉज, मंगल कार्यालय, स्विमिंग पूल और लॉन-बगीचों में मनपा के नल के पानी का उपयोग नहीं किया जा सकेगा। इन कार्यों के लिए शिलोडा और पी.के.वी. परिसर स्थित मलशुद्धीकरण केंद्रों से प्रक्रिया किए गए पानी का उपयोग करना अनिवार्य किया गया है।वहीं, RO प्लांट संचालकों द्वारा मनपा के पानी का इस्तेमाल किए जाने पर फौजदारी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
वाहन, आंगन और सड़क धोने पर रोक
नल से सीधे पाइप अथवा मोटर लगाकर आंगन, सड़क, वाहन या पशुओं को धोने तथा पानी का छिड़काव करने पर प्रतिबंध लगाया गया है। पीने के पानी का दुरुपयोग पाए जाने पर नागरिकों या संबंधित सोसायटी के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
घरों में पानी बचाने के लिए मनपा की अपील
मनपा ने नागरिकों से—
- शॉवर के बजाय बाल्टी और मग से स्नान करने की अपील की है।
- ब्रश, शेविंग और बर्तन धोते समय नल लगातार खुला न रखने को कहा है।
- सब्जी और चावल धोने के पानी को फेंकने के बजाय पौधों अथवा अन्य घरेलू कार्यों में इस्तेमाल करने की सलाह दी है।
- वॉशिंग मशीन को रोज चलाने के बजाय पूरी क्षमता से कुछ अंतराल पर चलाने को कहा है।
- मशीन से निकलने वाले पानी को फर्श साफ करने अथवा फ्लशिंग में इस्तेमाल करने की अपील की है।
- घरों के नल, फ्लश टैंक और पाइपलाइन में होने वाली लीकेज तत्काल ठीक कराने को कहा है।
- पानी की टंकी में ऑटोमैटिक बॉल वाल्व लगाने की सलाह दी है, ताकि ओवरफ्लो से पानी बर्बाद न हो।
सोसायटियों को भी करना होगा पानी का नियोजन
अपार्टमेंट और सोसायटियों के अध्यक्षों से टंकी में उपलब्ध पानी के अनुसार रोजाना पानी का वितरण करने को कहा गया है। पुनर्प्रक्रिया किए गए पानी का उपयोग बगीचों, फ्लशिंग और परिसर की सफाई के लिए करने की अपील की गई है। छत की पानी की टंकियों में ओवरफ्लो रोकने के लिए ऑटोमैटिक कट-ऑफ सिस्टम लगाने को कहा गया है।
होटल, अस्पताल और संस्थानों में एरीएटर अनिवार्य
होटल, अस्पताल, शैक्षणिक संस्थानों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के नलों में एरीएटर नोजल लगाने को आवश्यक बताया गया है, जिससे पानी के प्रवाह को नियंत्रित कर पानी की बचत की जा सके। ग्राहकों को पीने का पानी देते समय शुरुआत में आधा गिलास पानी देने की अपील भी की गई है, ताकि अनावश्यक पानी बर्बाद न हो।
अवैध नल कनेक्शन और पानी चोरी पर होगी कार्रवाई
मनपा ने स्पष्ट किया है कि अवैध नल कनेक्शन, पानी चोरी और पीने के पानी के दुरुपयोग के मामलों में कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वाहन धोने, सड़क या आंगन में पानी डालने तथा निर्माण कार्य में पीने के पानी का इस्तेमाल करने पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
पानी की बर्बादी दिखे तो मनपा को करें शिकायत
शहर में कहीं पाइपलाइन फूटने, नल से पानी बहने अथवा निर्माण कार्य में मनपा के पानी का इस्तेमाल होने की जानकारी मिलने पर नागरिक 0724/2434412 नंबर पर मनपा को सूचना दे सकते हैं। मनपा ने शिकायतकर्ता का नाम गोपनीय रखने का आश्वासन दिया है।मनपा ने नागरिकों से अपील की है कि अकोला को संभावित जलसंकट से बचाने के लिए पानी की हर बूंद का महत्व समझें और पानी का अपव्यय रोकें।पानी बचाएं, अकोला बचाएं, अगली पीढ़ी बचाएं।
“जल है तो जीवन है, जल है तो कल है।”




