मुंबई- महाराष्ट्र में गहराते सूखा संकट को देखते हुए राज्य सरकार ने किसानों के हित में बड़ा फैसला लिया है। सूखा निवारण उपसमिति के अध्यक्ष और राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने बैंकों और क्रेडिट सोसायटियों को सख्त आदेश दिए हैं कि वे कर्ज वसूली के लिए किसानों के पास बिल्कुल न जाएं। इस निर्णय का मुख्य उद्देश्य संकट की इस घड़ी में किसानों को मानसिक व आर्थिक राहत देना है।मंत्रिमंडल उपसमिति की समीक्षा बैठक में राजस्व मंत्री ने स्पष्ट किया कि संकट के इस दौर में किसी भी प्रकार की प्रशासनिक लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। तलाठी, ग्रामसेवक और कृषि अधिकारियों को अपने-अपने मुख्यालय में ही उपस्थित रहने और किसानों की समस्याओं का तुरंत समाधान करने के निर्देश दिए गए हैं।
43 नए तालुका सूखाग्रस्त घोषित
इसके साथ ही, महाराष्ट्र के सूखा प्रभावित क्षेत्रों की समीक्षा करते हुए दूसरे चरण में 43 नए तालुकाओं को आधिकारिक रूप से सूखा सूची में शामिल किया गया है। जमीनी स्थिति का सटीक और पारदर्शी मूल्यांकन करने के लिए अधिकारियों को 25 अक्टूबर तक अंतिम सर्वेक्षण रिपोर्ट सौंपने का समय दिया गया है, ताकि सभी पात्र किसानों तक राहत राशि और सुविधाएं बिना किसी देरी के पहुंचाई जा सकें।
पानी कटौती और चारा प्रबंधन के नए उपाय
शहरी क्षेत्रों में 10 प्रतिशत पानी की कटौती कर बफर स्टॉक सुरक्षित रखा जाएगा और नए निर्माण कार्यों पर रोक के संकेत दिए गए हैं। चारा प्रबंधन के लिए सचिवों की विशेष समिति गठित होगी। इसके अलावा, कृषि मजदूरों का पलायन रोकने के लिए सीएसआर फंड का उपयोग कर उन्हें स्थानीय रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा।
10वीं और 12वीं के छात्रों के लिए परीक्षा फीस माफी का ऐलान
राज्य के सूखे से प्रभावित तालुकाओं में छात्रों को राहत देने के लिए, महाराष्ट्र राज्य माध्यमिक और उच्च माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (MSBSHSE) ने 10वीं और 12वीं के छात्रों के लिए परीक्षा फीस माफ करने का ऐलान किया। बोर्ड ने सभी डिविजनल बोर्ड्स को स्पष्ट किया है कि फरवरी-मार्च 2027 में आयोजित होने वाली सेकेंडरी स्कूल सर्टिफिकेट (कक्षा 10) और हायर सेकेंडरी सर्टिफिकेट (कक्षा 12) परीक्षाओं के आवेदन फॉर्म प्रभावित तालुकाओं के छात्रों से बिना कोई परीक्षा शुल्क लिए स्वीकार किए जाएं।
स्कूल और कॉलेज के छात्रों की परीक्षा शुल्क होगी माफ
राहत और पुनर्वास विभाग द्वारा 25 सितंबर 2026 को जारी सरकारी आदेश के अनुसार, राज्य के 265 तालुकाओं में सूखे जैसे हालात को देखते हुए विशेष उपाय के तौर पर कई तरह की रियायतें देने का फैसला किया गया था। इसमें स्कूल और कॉलेज के छात्रों के लिए परीक्षा शुल्क माफ करना भी शामिल है।
इस मामले में आगे के विस्तृत निर्देश महाराष्ट्र राज्य शिक्षा बोर्ड द्वारा अलग से जारी किए जाएंगे। सभी डिविजनल बोर्ड को निर्देश दिया गया है कि वे सूखे से प्रभावित तालुकाओं में अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाले स्कूलों और जूनियर कॉलेजों को तुरंत सूचित करें। साथ ही, की गई कार्रवाई की रिपोर्ट तुरंत राज्य बोर्ड को सौंपने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।




