ग्रामीण इलाकों में LPG सिलेंडर बुकिंग का 45 दिन वाला नियम खत्म, अब 25 दिन में मिलेगा रिफिल

नई दिल्ली- घरेलू LPG सिलेंडर को लेकर केंद्र सरकार ने ग्रामीण उपभोक्ताओं को बड़ी राहत दी है। अब गांवों में रहने वाले घरेलू LPG ग्राहक भी 25 दिन के अंतराल पर गैस सिलेंडर का रिफिल बुक करा सकेंगे। केंद्र सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में लागू 45 दिन के बुकिंग अंतराल को समाप्त कर दिया है। शहरी इलाकों में पहले से ही रिफिल बुकिंग का अंतराल 25 दिन निर्धारित था। सरकार के इस फैसले के बाद अब ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में घरेलू LPG सिलेंडर की रिफिल बुकिंग के लिए समान नियम लागू होगा।केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने सोमवार को बताया कि सरकार ने सभी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को नए नियम को तत्काल प्रभाव से लागू करने के निर्देश दिए हैं। यानी ग्रामीण उपभोक्ताओं को अगला सिलेंडर बुक कराने के लिए अब 45 दिन की अनिवार्य अवधि पूरी होने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा।

LPG सप्लाई में सुधार के बाद लिया फैसला

सरकार के मुताबिक, यह बदलाव LPG सप्लाई की मौजूदा स्थिति में सुधार और लंबित बुकिंग में कमी आने के बाद किया गया है। मंत्री सुरेश गोपी ने बताया कि अमेरिका और ईरान के बीच जंग के दौरान LPG सप्लाई पर दबाव बढ़ गया था। इस दौरान घरेलू LPG की उपलब्धता बनाए रखने के लिए रिफिल बुकिंग के बीच का अंतर बढ़ाया गया था।सरकार ने 9 मार्च 2026 को शहरी इलाकों में LPG रिफिल बुकिंग का अंतर 25 दिन किया था। इसके बाद 12 मार्च 2026 को ग्रामीण इलाकों में रिफिल बुकिंग के लिए 45 दिन का अंतर निर्धारित किया गया था।

इन पाबंदियों का उद्देश्य सीमित सप्लाई के दौरान LPG की उपलब्धता को संतुलित रखना और जरूरतमंद उपभोक्ताओं तक सिलेंडर की आपूर्ति सुनिश्चित करना था।अब सप्लाई की स्थिति बेहतर होने और पेंडिंग बुकिंग घटने के बाद सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन की पाबंदी हटाने का फैसला किया है।

ग्रामीण उपभोक्ताओं को क्या फायदा होगा?

नए नियम से ग्रामीण LPG उपभोक्ताओं को सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि वे सिलेंडर खत्म होने के बाद 25 दिन पूरे होने पर अगला रिफिल बुक करा सकेंगे। पहले 45 दिन का अंतर होने के कारण जिन परिवारों में LPG की खपत ज्यादा थी, उन्हें अगले सिलेंडर के लिए लंबा इंतजार करना पड़ सकता था।अब ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के घरेलू ग्राहकों के लिए रिफिल बुकिंग का अंतराल 25 दिन रहेगा। इससे खास तौर पर ज्यादा LPG इस्तेमाल करने वाले परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है।

कॉमर्शियल LPG सिलेंडर भी हुआ महंगा

दूसरी ओर, सितंबर की शुरुआत में तेल कंपनियों ने कॉमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमत में बढ़ोतरी की है। 1 सितंबर को कॉमर्शियल LPG सिलेंडर ₹11.50 महंगा किया गया। इसके अलावा 5 किलो वाला छोटा LPG सिलेंडर भी ₹2 महंगा होकर ₹764 हो गया है।कॉमर्शियल सिलेंडर की कीमत बढ़ने का असर होटल, रेस्टोरेंट, ढाबे, कैटरिंग और दूसरे छोटे-बड़े कारोबारों पर पड़ सकता है, जहां खाना पकाने के लिए बड़ी मात्रा में LPG का इस्तेमाल होता है।

होटल-रेस्टोरेंट और ढाबों पर बढ़ सकता है खर्च

कॉमर्शियल LPG सिलेंडर महंगा होने से होटल और रेस्टोरेंट संचालकों की ईंधन लागत में मामूली बढ़ोतरी होगी। कारोबारियों के मुताबिक, लगातार बढ़ती लागत का असर खाने-पीने की कीमतों पर भी पड़ सकता है।चाय, समोसा, नाश्ता, भोजन और अन्य खाद्य पदार्थ बेचने वाले छोटे दुकानदार भी बढ़ी हुई लागत का कुछ हिस्सा ग्राहकों पर डाल सकते हैं। हालांकि, केवल ₹11.50 की बढ़ोतरी से किसी वस्तु की कीमत कितनी बढ़ेगी, यह कारोबार की कुल लागत और स्थानीय बाजार पर निर्भर करेगा।

शादी-ब्याह और आयोजनों में भी असर

कॉमर्शियल LPG का इस्तेमाल बड़े स्तर पर होने वाली कैटरिंग में भी किया जाता है। ऐसे में शादी-ब्याह, धार्मिक कार्यक्रम, सामाजिक समारोह और अन्य आयोजनों में कैटरिंग का खर्च भी थोड़ा बढ़ सकता है।कैटरिंग संचालकों के लिए LPG के साथ-साथ खाद्य सामग्री, मजदूरी और परिवहन जैसी दूसरी लागतें भी महत्वपूर्ण होती हैं। इसलिए सिलेंडर की कीमत में बढ़ोतरी का अंतिम असर आयोजन के आकार और कुल खर्च पर निर्भर करेगा।

उपभोक्ताओं के लिए राहत और कारोबारियों पर अतिरिक्त बोझ

सरकार के इस फैसले से एक तरफ ग्रामीण घरेलू LPG उपभोक्ताओं को राहत मिली है, क्योंकि अब उन्हें 45 दिन की बाध्यता से छुटकारा मिल गया है। दूसरी तरफ कॉमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमत में बढ़ोतरी से होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा और कैटरिंग कारोबार की लागत थोड़ी बढ़ी है।कुल मिलाकर, घरेलू LPG उपभोक्ताओं के लिए यह फैसला राहत देने वाला है, जबकि कॉमर्शियल LPG पर निर्भर कारोबारियों के लिए सितंबर की कीमत बढ़ोतरी अतिरिक्त लागत लेकर आई है।

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