मुंबई- महाराष्ट्र सरकार ने कमर्शियल पैसेंजर ट्रांसपोर्ट ड्राइवरों के लिए मराठी भाषा से जुड़े नियमों को और सख्त कर दिया है। बुधवार को ‘महाराष्ट्र मोटर वाहन (संशोधन) नियम, 2026’ में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए। नए प्रावधानों के तहत नियमों का उल्लंघन करने वाले ड्राइवर का ड्राइविंग ऑथराइजेशन तीन महीने तक निलंबित किया जा सकता है। बार-बार उल्लंघन करने पर ऑथराइजेशन या संबंधित लाइसेंस/बैज रद्द करने का भी प्रावधान किया गया है।संशोधित नियम ऑटो-रिक्शा, टैक्सी और इलेक्ट्रॉनिक मीटर वाली ऐप-बेस्ड कैब समेत यात्रियों को ले जाने वाले कमर्शियल वाहनों के ड्राइवरों पर लागू होंगे। इनके लिए मराठी भाषा का कामकाजी और व्यवहारिक ज्ञान होना जरूरी किया गया है।
ड्राइवरों को दिखाना होगा मराठी का व्यवहारिक ज्ञान
नए जोड़े गए नियम 22(3A) के तहत ऐप-बेस्ड मोटर कैब के अधिकृत ड्राइवरों को मराठी भाषा का व्यवहारिक ज्ञान साबित करना होगा। यदि किसी ड्राइवर में निर्धारित भाषा दक्षता नहीं पाई जाती है, तो लाइसेंसिंग अथॉरिटी लिखित रूप में कारण दर्ज कर उसके खिलाफ कार्रवाई शुरू कर सकती है।
बार-बार उल्लंघन पर ऑथराइजेशन रद्द
संशोधित नियमों के तहत संबंधित अधिकारी ड्राइवर के लाइसेंस पर दिए गए ऑथराइजेशन को तीन महीने तक निलंबित कर सकते हैं। निलंबन की अवधि समाप्त होने के बाद भी नियमों का पालन नहीं करने या बार-बार उल्लंघन करने पर ऑथराइजेशन पूरी तरह रद्द किया जा सकता है।
परमिट धारकों पर भी लागू होंगे नियम
सरकार ने शुरुआती स्तर पर ही मराठी भाषा की आवश्यकता को अनिवार्य बनाने के लिए ‘महाराष्ट्र मोटर वाहन नियम, 1989’ के नियम 4 में भी बदलाव किया है। संबंधित ड्राइविंग ऑथराइजेशन के लिए आवेदन करने वालों के लिए मराठी भाषा का कामकाजी ज्ञान आवश्यक योग्यता बनाया गया है।
इसके अलावा नियम 78 में संशोधन के बाद परमिट धारकों के लिए भी मराठी भाषा का व्यवहारिक ज्ञान जरूरी होगा। वहीं, नियम 85 के तहत इलेक्ट्रॉनिक मीटर वाली ऐप-बेस्ड मोटर कैब के परमिट के नवीनीकरण के लिए मराठी भाषा में दक्षता को अनिवार्य शर्त बनाया गया है।
15 अगस्त की डेडलाइन से पहले लागू करने की तैयारी
इन बदलावों के जरिए राज्य सरकार कमर्शियल पैसेंजर ट्रांसपोर्ट सेक्टर में मराठी भाषा की दक्षता सुनिश्चित करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। 15 अगस्त की डेडलाइन से पहले नियमों के अनुपालन को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है।
परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने कहा कि इन संशोधनों का उद्देश्य मौजूदा व्यवस्था में मौजूद उन कमियों को दूर करना है, जिनका फायदा उठाकर कुछ ड्राइवर भाषा संबंधी नियमों का पालन करने से बच जाते थे। नए नियमों से भाषा संबंधी शर्तों के पालन को अधिक प्रभावी तरीके से सुनिश्चित किया जा सकेगा।




