मुंबई- महाराष्ट्र सरकार राज्य में भूमि और संपत्ति के लेन-देन को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और विवाद-मुक्त बनाने के लिए लैंड टाइटलिंग (भूमि स्वामित्व) कानून लागू करने की तैयारी कर रही है। राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने बताया कि महाराष्ट्र यह कानून लागू करने वाला देश का पहला राज्य बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। प्रस्तावित कानून पर अंतिम फैसला दिसंबर में नागपुर में होने वाले राज्य विधानमंडल के शीतकालीन सत्र में लिया जाएगा।
नई व्यवस्था के तहत राज्य के प्रत्येक संपत्ति मालिक को सरकार की ओर से डिजिटल प्रॉपर्टी कार्ड जारी किया जाएगा। इसमें वर्तमान मालिक का नाम, कानूनी उत्तराधिकारियों की जानकारी, भू-राजस्व रिकॉर्ड और संपत्ति से संबंधित अन्य महत्वपूर्ण विवरण दर्ज होंगे।सरकार का उद्देश्य संपत्ति स्वामित्व का एक प्रमाणिक और भरोसेमंद डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करना है, जिससे भविष्य में जमीन और संपत्ति से जुड़े विवादों में कमी लाई जा सके।
संपत्ति खरीद-बिक्री की प्रक्रिया होगी आसान
राजस्व मंत्री के अनुसार, डिजिटल प्रॉपर्टी कार्ड लागू होने के बाद संपत्ति की खरीद-बिक्री के दौरान पुराने दस्तावेजों और हस्तांतरण रिकॉर्ड की बार-बार जांच करने की जरूरत कम हो जाएगी।सरकार की गारंटी वाला यह कार्ड संपत्ति स्वामित्व का एक विश्वसनीय दस्तावेज होगा। इससे देश के भीतर ही नहीं, बल्कि विदेशों में रहने वाले संपत्ति मालिकों को भी सुविधा मिलने की उम्मीद है।
‘पहले माप, फिर पंजीकरण’ नियम होगा लागू
सरकार संपत्ति पंजीकरण व्यवस्था में सुधार के लिए ‘पहले माप, फिर पंजीकरण’ का नियम लागू करने की तैयारी में है। इसके तहत भूमि का सर्वेक्षण किए बिना उसका पंजीकरण या लेन-देन नहीं किया जा सकेगा।इस व्यवस्था से जमीन की वास्तविक सीमाएं स्पष्ट होंगी और स्वामित्व संबंधी विवादों को कम करने में मदद मिलेगी।
फ्लैट मालिकों को मिलेगा अलग वर्टिकल प्रॉपर्टी कार्ड
शहरी सहकारी गृहनिर्माण संस्थाओं (हाउसिंग सोसायटी) में रहने वाले फ्लैट मालिकों के लिए भी सरकार अलग वर्टिकल प्रॉपर्टी कार्ड जारी करने की योजना बना रही है।इससे प्रत्येक फ्लैट का स्वतंत्र और स्पष्ट स्वामित्व रिकॉर्ड उपलब्ध होगा। सरकार का मानना है कि यह कदम संपत्ति प्रबंधन को अधिक पारदर्शी बनाएगा और भविष्य में कानूनी विवादों को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।महाराष्ट्र सरकार का यह प्रस्तावित कानून भूमि और संपत्ति क्षेत्र में डिजिटल सुधार की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।




