
शिक्षा विभाग द्वारा जारी एक परिपत्र में राज्य बोर्ड से जुड़े सभी प्राइमरी, सेकेंडरी और हायर सेकेंडरी स्कूलों को 2026 की गर्मियों की छुट्टियों और 2026-27 एकेडमिक सेशन की शुरुआत के बारे में जानकारी दी गई थी। इसके अनुसार, राज्य भर के स्कूलों को सोमवार, 15 जून को फिर से खुलना था। हालांकि, विदर्भ इलाके में तापमान को देखते हुए, गर्मियों की छुट्टियों और रेगुलर क्लास के लिए स्कूलों को फिर से खोलने के संबंध में बदलाव किए गए हैं। दरअसल, पिछले कुछ दिनों से विदर्भ में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी पड़ रही है।
चंद्रपुर जिले के ब्रह्मपुरी में हाल ही में 47.2 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया, जो देश के सबसे अधिक तापमान वाले शहरों में शामिल रहा। वहीं अकोला, अमरावती और वर्धा जिलों के लिए मौसम विभाग ने रेड अलर्ट, जबकि नागपुर और यवतमाल के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया था। अकोला भी पिछले दिनों देश के सबसे गर्मी शहरों में से एक था।
शुरुआती दिनों में सिर्फ सुबह की पाली में लगेंगे स्कूल
गर्मी और लू के बढ़ते खतरे को देखते हुए विद्यार्थियों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए यह निर्णय लिया गया है। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि 22 जून से 30 जून तक विदर्भ के स्कूल केवल सुबह की पाली में संचालित किए जाएंगे। इसके बाद, जब मौसम में थोड़ी नरमी आने की उम्मीद है, यानी 1 जुलाई से सभी कक्षाएं अपने नियमित और पूर्ण समयानुसार चलाई जाएंगी।वहीं दूसरी ओर, महाराष्ट्र के अन्य क्षेत्रों में मानसून की स्थिति अपेक्षाकृत अनुकूल और गर्मी कम होने के कारण वहां के स्कूल 15 जून से सामान्य समय पर शुरू होंगे। शिक्षा विभाग ने सभी स्कूल प्रबंधन, अभिभावकों और संबंधित अधिकारियों से नए आदेश का पालन सुनिश्चित करने की अपील की है।



