अकोला में कपास के दाम पहुचे रिकॉर्ड स्तर पर

अब तक की रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचा कपास का दाम, किसानों को मिला एमएसपी से डबल  फायदा | Cotton is getting record rate seeing the price the agriculture  department said that the

अकोला-अंतरराष्ट्रीय बाजार की हलचल और घरेलू परिस्थितियों के प्रभाव से अकोला में कपास के दामों में जबरदस्त तेजी देखने को मिल रही है। मंगलवार को निजी बाजार में कपास को 8,000 से 9,500 रुपये प्रति क्विंटल तक का भाव मिला, जो अब तक के उच्चतम स्तरों में माना जा रहा है।विशेषज्ञों के अनुसार खाड़ी क्षेत्र में तनाव के चलते कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि हुई है, जिससे पॉलिस्टर उद्योग महंगा हो गया। इसके परिणामस्वरूप कपास आधारित कपड़ों की मांग बढ़ी है और कपास के दामों को मजबूती मिली है।

खाद्य तेल के बढ़ते दामों के कारण सरकी (कॉटन सीड) की मांग में भी तेजी आई है। बाजार में सरकी 4,500 से 5,000 रुपये प्रति क्विंटल के भाव से बिक रही है, जिसका सीधा सकारात्मक असर कपास के दामों पर पड़ा है।

तेजी के प्रमुख कारण

  • अंतरराष्ट्रीय बाजार में अस्थिरता
  • कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि
  • पॉलिस्टर उत्पादन महंगा होना
  • बाजार में कपास की सीमित आवक
  • चीन और बांग्लादेश से बढ़ती मांग

कपास विपणन विशेषज्ञ राजकुमार रुंगठा के अनुसार, “आवक कम और मांग अधिक होने से बाजार में तेजी बनी हुई है। अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के कारण आगे भी दाम मजबूत रह सकते हैं।”

सीमित किसानों को लाभ

फिलहाल बाजार में कपास की आवक कम है। छोटे किसान पहले ही अपना माल बेच चुके हैं, जबकि स्टॉक अब बड़े किसानों के पास है। ऐसे में बढ़े हुए दाम का लाभ सीमित किसानों को ही मिल रहा है पिछले डेढ़ महीने में कपास के दाम 7,000 रुपये से बढ़कर 9,000 रुपये प्रति क्विंटल के पार पहुंच गए हैं। व्यापारियों के अनुसार निर्यात मांग में बढ़ोतरी के कारण आगे भी बाजार में मजबूती बनी रह सकती है।

वर्तमान बाजार भाव

  • कपास: 8,000 से 9,500 रुपये प्रति क्विंटल
  • रुई (356 किलो): 65,000 से 67,000 रुपये
  • सरकी: 4,500 से 5,000 रुपये प्रति क्विंटल

अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों और बढ़ती मांग के चलते कपास बाजार में तेजी का रुख बना हुआ है, जिससे आने वाले समय में किसानों और व्यापारियों दोनों की नजर बाजार पर टिकी हुई है।

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