
मंत्रिमंडल की बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार, विभाग में कुल 8,669 नियमित पदों (गट-अ से गट-ड) को मंजूरी दी गई है। इसके अलावा, काम के बोझ को देखते हुए 165 नए पद सृजित किए गए हैं। नियमित पदों के साथ-साथ, विभाग के सुचारू संचालन के लिए 2,843 पदों को आउटसोर्सिंग के जरिए भरने की भी अनुमति दी गई है।
आंगनवाड़ी सेविकाओं के लिए बड़ी खुशखबरी
एकीकृत बाल विकास सेवा (ICDS) योजना के तहत ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में काम करने वाली महिलाओं को बड़ी राहत मिली है। महाराष्ट्र सरकार ने 1,10,664 आंगनवाड़ी सेविका और 1,10,664 आंगनवाड़ी सहायिकाओं के मानदेय आधारित पदों को भी आधिकारिक मंजूरी दे दी है। यानी कुल मिलाकर 2,21,328 मानधनी पद अब विभाग के ढांचे का हिस्सा होंगे।महाराष्ट्र समाज कल्याण बोर्ड, मुंबई के 15 मौजूदा और 32 डेपुटेड कर्मचारियों को अब महिला एवं बाल विकास कमिश्नर पुणे के तहत खाली पदों पर बराबर सैलरी पर एडजस्ट किया जाएगा।
23 साल का इंतजार खत्म
मंत्री अदिति तटकरे ने सोशल मीडिया के माध्यम से खुशी जाहिर करते हुए कहा कि सन 2003 के बाद पहली बार विभाग की संरचना में इतना बड़ा बदलाव किया गया है। यह निर्णय वंचित और जरूरतमंद वर्गों के लिए फलदायी साबित होगा। उन्होंने यह भी बताया कि मुंबई स्थित महाराष्ट्र समाज कल्याण बोर्ड के कर्मचारियों का समायोजन अब पुणे स्थित महिला एवं बाल विकास आयुक्त कार्यालय के तहत रिक्त पदों पर किया जाएगा।



