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बुलढाणा : (दैनिक दिव्य हिन्दी) संत नगरी शेगांव में 25 फरवरी से भव्य ‘आयुष आरोग्य महामेला’ आयोजित किया जा रहा है। इस महामेले में किसानों को वनशेती (एग्रो-फॉरेस्ट्री) और औषधीय पौधों की खेती पर विशेषज्ञों द्वारा मार्गदर्शन दिया जाएगा। केंद्रीय आयुष मंत्री प्रतापराव जाधव ने किसानों से आयुर्वेदिक खेती उत्पादन कार्यक्रम में बड़ी संख्या में भाग लेने की अपील की है।

25 से 27 फरवरी के दौरान शेगांव के विसावा परिसर में आयुष मंत्रालय की ओर से इस महामेले का आयोजन किया गया है। 25 फरवरी को भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के कर-कमलों से उद्घाटन होगा। उसी दिन दोपहर 3 बजे किसानों के लिए आयुर्वेदिक खेती—उत्पादन एवं विपणन मार्गदर्शन कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
महामेले में विशेष रूप से औषधीय पौधों की खेती, उनकी प्रोसेसिंग और मार्केटिंग पर विशेषज्ञ मार्गदर्शन मिलेगा। पारंपरिक खेती करने वाले किसानों को यदि आयुर्वेदिक खेती से जोड़ा जाए, तो उनकी आय में वृद्धि हो सकती है—इसी उद्देश्य से यह पहल की गई है। मार्गदर्शन सत्र में नेशनल मेडिसिनल प्लांट्स बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रो. (डॉ.) महेश कुमार दाधीच तथा डॉ. पंजाबराव देशमुख कृषि विद्यापीठ के अंतर्गत नागार्जुन वनौषधि परियोजना के प्रभारी अधिकारी डॉ. नितीन पतके किसानों को जानकारी देंगे।
प्रतापराव जाधव ने कहा कि किसानों को पारंपरिक फसलों के साथ-साथ औषधीय पौधों की खेती अपनानी चाहिए, ताकि उन्हें स्थायी आय मिले और आम जनता को गुणवत्तापूर्ण प्राकृतिक उपचार उपलब्ध हो सकें।
केंद्रीय आयुष मंत्रालय द्वारा आयोजित इस मेले में आयुर्वेद, योग, प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी—इन सभी विभागों के अलग-अलग स्टॉल लगाए जाएंगे। जिले के किसानों की आय बढ़ाना और आम लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना—यही इस महामेले का दोहरा उद्देश्य है। राष्ट्रपति के प्रस्तावित दौरे को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा सहित सभी तैयारियां शुरू कर दी हैं। 25 से 27 फरवरी के बीच शेगांव में स्वास्थ्य-जागरूकता का अनूठा अनुभव मिलेगा।



