
मुख्यमंत्री फडणवीस के दावोस दौरे के पहले ही दिन महाराष्ट्र को 14 लाख 50 हजार करोड़ रुपये के निवेश से जुड़े 19 समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर हुए। इन निवेशों के माध्यम से राज्य में लगभग 15 लाख नई रोजगार अवसर सृजित होने की घोषणा भी की गई।वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की इस वार्षिक बैठक में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उद्योग मंत्री उदय सामंत सहित महाराष्ट्र सरकार के विभिन्न विभागों का प्रतिनिधिमंडल शामिल हुआ है। दौरे के पहले दिन से ही विश्वभर के विभिन्न क्षेत्रों की कंपनियों ने महाराष्ट्र में निवेश के लिए रुचि दिखाई, जिससे निवेश का बड़ा प्रवाह शुरू हो गया।
औद्योगिक विकास के साथ बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन को मिलेगी गति
इस अवसर पर दावोस स्थित महाराष्ट्र पवेलियन का उद्घाटन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के हाथों हुआ। उद्योग, निवेश और सेवा विभाग के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों के उद्योग प्रतिनिधियों के साथ मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उद्योग मंत्री उदय सामंत की प्रमुख उपस्थिति में इन समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए।यह निवेश हरित ऊर्जा, खाद्य प्रसंस्करण, इस्पात निर्माण, आईटी-आईटीईएस, डेटा सेंटर, ईवी-ऑटोमोबाइल, जहाज निर्माण और डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों में किया जाएगा। ये परियोजनाएं मुंबई के साथ-साथ रत्नागिरी, पालघर, गडचिरोली और अहिल्यानगर जैसे जिलों में भी स्थापित होंगी, जिससे औद्योगिक विकास के साथ बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन को गति मिलेगी।
उद्घाटन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “महाराष्ट्र भविष्य की ओर अग्रसर, विश्वसनीय और दीर्घकालिक साझेदार के रूप में निवेशकों का स्वागत करता है। भारत के भविष्य के पावर हाउस के रूप में महाराष्ट्र आज विश्व और उद्योग जगत को आमंत्रित कर रहा है। निवेशकों के विश्वास को सार्थक सिद्ध करने के लिए हम सदैव तैयार हैं। इन समझौतों के क्रियान्वयन पर वॉर रूम के माध्यम से निरंतर निगरानी रखी जाएगी और उद्यमियों को समय पर तथा गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।”



