
मुंबई- विदर्भ के लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। देवेंद्र फडणवीस सरकार ने विदर्भ के महत्वाकांक्षी वैनगंगा-नलगंगा नदी जोड़ परियोजना को मंजूरी दे दी है। इस फैसले से क्षेत्र में घरेलू और औद्योगिक पानी की समस्या दूर होने की उम्मीद है।यह परियोजना 388.28 किलोमीटर लंबी नहर के निर्माण से जुड़ी है, जो विदर्भ के 8 जिलों के 38 तालुकों से होकर गुजरेगी। इनमें नागपुर, वर्धा, अमरावती, यवतमाल, अकोला, बुलढाणा, वाशिम और भंडारा जिले शामिल हैं। जलसंपदा मंत्री गिरीश महाजन ने इस ऐतिहासिक निर्णय की जानकारी दी।
परियोजना के तहत कुल 20.49 किलोमीटर लंबाई के 13 सुरंगों का निर्माण किया जाएगा। इससे लगभग 4 लाख 4 हजार 281 हेक्टेयर भूमि को सिंचाई का लाभ मिलेगा। साथ ही 1,804.78 दलघमी (करीब 64 टीएमसी) पानी कृषि और औद्योगिक उपयोग के लिए उपलब्ध कराया जाएगा।
39 गांवों के पुनर्वास का खाका भी तैयार
इस परियोजना के लिए करीब 31 हजार 494 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा। अगले 10 वर्षों में परियोजना को पूरा करने की योजना है। परियोजना से प्रभावित 39 गांवों के पुनर्वास का खाका भी तैयार किया गया है।पर्यावरण, वन, केंद्रीय जल आयोग और महाराष्ट्र जलसंपत्ति नियमन प्राधिकरण से आवश्यक मंजूरी ली जाएगी। खास बात यह है कि परियोजना के तहत लिफ्ट सिंचाई योजना सौर ऊर्जा से संचालित होगी, जिसके लिए अतिरिक्त भूमि भी ली जाएगी।
परियोजना का लाभ-व्यय अनुपात (BCR) 1.58 और आंतरिक प्रतिफल दर (IRR) 14.61 प्रतिशत बताया गया है। सरकार के इस बड़े फैसले से विदर्भ क्षेत्र में खुशी का माहौल है और इसे क्षेत्र के लिए गेम चेंजर माना जा रहा है।



