बस में खराबी आई तो कर सकेंगे एसी बस से यात्रा,राज्य परिवहन निगम ने जारी किए निर्देश

अकोला- राज्य परिवहन निगम (एसटी)की बसों में यात्रा करते समय कई बार तकनीकी कारणों से बसें बंद हो जाती हैं. उस स्थिति में उसी मार्ग से आने वाली बसों से यात्रा करने की अनुमति है; लेकिन अक्सर एक ही रूट पर उच्च श्रेणी की बस आने पर किराए में अंतर वसूला जाता था. अब अगर बस यहां से रास्ते में रुकती है, तो भले ही अगली बस एसी हो, किराए में फर्क की रकम नहीं ली जाएगी.

आप पहली वस के साधारण टिकट पर ही एसटी की एसी बस से यात्रा कर सकेंगे.एसटी की बस से यात्रा करते समय, कुछ तकनीकी कारणों से बसों के रास्ते में रुकने की घटनाएं होती हैं, ऐसी बसों के यात्री उसी मार्ग से  आने वाली दूसरी बस का इंतजार करते हैं. कभी-कभी यदि साधारण बस रद्द हो जाती है और अगली उच्च श्रेणी की बस उसी समय उसी मार्ग पर आ जाती है, तो यात्रियों से किराए में अंतर का शुल्क लिया जाता है; लेकिन अब निगम ने आदेश जारी कर दिया है कि इस तरह से अंतर की वसूली नहीं की जाए.बस खराब होने या दुर्घटना होने की स्थिति में यात्रियों को सुनसान जगहों पर रुकना पड़ता है, जिससे उनकी सुरक्षा को खतरा हो सकता है. नए नियम से वे सुरक्षित और शीघ्रता से अपने गंतव्य तक पहुंच सकेंगे.

क्या है नियम में संशोधन ?

नए निर्णय के अनुसार, अब, बस के खराब होने या दुर्घटना की स्थिति में, यात्रियों को अपने मौजूदा टिकट पर किसी भी एसटी बस में यात्रा जारी रखने की अनुमति होगी. भले ही बस की श्रेणी कुछ भी हो. उदाहरण के लिए, यदि कोई एसी शिवनेरी बस खराब हो जाती है, तो यात्रियों को साधारण या सेमी-लक्जरी बस में भी अपनी यात्रा जारी रखने की अनुमति दी जाएगी. इससे यात्रियों की असुविधा कम होगी और उनकी यात्रा अधिक सुखद होगी.

क्या है एसटी का पहला नियम ?

एसटी कॉर्पोरेशन के पहले के नियमों के अनुसार, बस के खराब होने या दुर्घटना की स्थिति में, यात्रियों को अपने मौजूदा टिकट पर केवल उसी श्रेणी की बस में यात्रा करने की अनुमति थी. उदाहरण के लिए, यदि कोई साधारण श्रेणी की बस खराब हो जाती है, तो यात्रियों को केवल उसी श्रेणी की बस से अपनी यात्रा पूरी करने की अनुमति दी जाती थी.

धूप में नहीं करना होगा इंतजार

भीषण गर्मी के कारण यात्रा करना कठिन हो जाता है. यदि कोई बस खराब हो जाती है या कोई दुर्घटना हो जाती है, तो यात्रियों को कुछ देर इंतजार करना पड़ता है, जिससे असुविधा होती है. नए फैसले से यात्रियों को चिलचिलाती धूप में बस का इंतजार नहीं करना पड़ेगा.

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