टीसी के अभाव में प्रदेश के स्कूल दाखिले के लिए मना नहीं कर सकेंगे…

तीसरी लहर की आशंका के चलते फिलहाल अभी नहीं खुल रहे स्कूल.. ऑनलाइन  शिक्षा ही सुरु रहेगी ..

फीस नियंत्रण के लिए जल्द लेंगे फैसला लेकिन तब तक कोई भी स्कूल विद्यार्थियों को शिक्षा से वंचित नहीं कर सकता-  शिक्षा मंत्री, महाराष्ट्र. 

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मुंबई /नागपुर /अकोला – प्रदेश के सरकारी, महानगर पालिका, नगर पालिका और निजी अनुदानित माध्यमिक स्कूल कक्षा 9 वीं और 10 वीं में दूसरे स्कूलों से आने वाले विद्यार्थियों को ट्रांसफर सर्टिफिकेट (टीसी) के अभाव में दाखिले के लिए मना नहीं कर सकेंगे। बुधवार को राज्य सरकार के स्कूली शिक्षा विभाग के उप सचिव राजेंद्र पवार ने शासनादेश जारी किया। इसके अनुसार राज्य में जिन विद्यार्थियों के पास ट्रांसफर सर्टिफिकेट उपलब्ध नहीं होगा उन्हें माध्यमिक स्कूल संहिता के प्रावधानों के अनुसार स्कूल में अस्थायी प्रवेश देकर अगली कार्यवाही की जाएगी।

पहले के स्कूल से ट्रांसफर सर्टिफिकेट न मिलने पर विद्यार्थी को आयु के अनुसार कक्षा में प्रवेश दिया जाएगा। विद्यार्थी के जन्म तारीख प्रमाण पत्र को सबूत मनाकर कक्षा 10 वीं तक प्रवेश दिया जाएगा। सरकार ने स्कूल के प्रमुख और मुख्याध्यापकों को यह सुनिश्चित करने को कहा है कि कोई विद्यार्थी प्रवेश से वंचित न रहने पाए। विद्यार्थी की स्कूली शिक्षा खंडित न हो। विद्यार्थियों को प्रवेश से वंचित रखने पर संबंधित स्कूल और मुख्याध्यापकों के खिलाफ कानूनों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। सरकार के ऐसा संज्ञान में आया है कि आर्थिक समस्या और फीस न भरने के कारण कक्षा 9 वीं और 10 वीं के विद्यार्थियों के निजी स्कूल छोड़ने पर यदि उनके पास ट्रांसफर सर्टिफिकेट और लिविंग सर्टिफिकेट नहीं है तो उन्हें सरकारी अनुदानित स्कूलों में प्रवेश नहीं दिया जाता है। इससे विद्यार्थियों के शैक्षणिक वर्ष का नुकसान होता है।

कोरोना की तीसरी लहर की आशंका के चलते नहीं खुल रहे स्कूल

कोरोना महामारी के संकट के बीच प्रदेश में ऑनलाइन पद्धति से नए शैक्षणिक वर्ष 2021-22 की शुरुआत मंगलवार को हुई। जबकि विदर्भ अंचल में स्कूलों की ऑनलाइन शिक्षा 28 जून से शुरू होगी। कोरोना की तीसरी संभावित लहर और स्ट्रेन के चलते फिलहाल स्कूल नहीं खुलेंगे। कक्षा पहलीं से बाहरवीं तक के विद्यार्थियों को विभिन्न उपक्रमों द्वारा ऑनलाइन पढ़ाया जाएगा।

फीस नियंत्रण के लिए लेंगे फैसला 
इस बीच गायकवाड ने कहा कि स्कूलों के फीस नियंत्रण के लिए नीतिगत फैसला लिया जाएगा। इसके लिए संबंधित कानून में संशोधन के लिए समिति का गठन किया गया है। लेकिन कोई भी स्कूल विद्यार्थियों को शिक्षा से वंचित नहीं कर सकता। गायकवाड ने कहा कि कक्षा दसवीं के विद्यार्थियों का रिजल्ट तैयार करने के काम से जुड़े 13 हजार 300 शिक्षकों को मुंबई के उपनगरीय लोकल ट्रेनों में सफर की अनुमति दे दी जाएगी।

जुलाई में घोषित होगा कक्षा दसवीं के विद्यार्थियों का रिजल्ट 
गायकवाड ने कहा कि राज्य बोर्ड के कक्षा दसवीं के विद्यार्थियों के परीक्षा परिणाम के लिए आंतरिक मूल्यांकन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जुलाई महीने के पहले अथवा दूसरे सप्ताह में कक्षा दसवीं के विद्यार्थियों का रिजल्ट घोषित कर दिया जाएगा। इसके बाद कक्षा दसवीं के विद्यार्थियों को अगली कक्षा ग्यारहवीं में प्रवेश के लिए राज्य बोर्ड के जरिए सीईटी परीक्षा आयोजित की जाएगी। गायकवाड ने कहा कि राज्य बोर्ड के कक्षा बारहवीं के विद्यार्थियों के रिजल्ट घोषित करने के लिए आंतरिक मूल्यांकन की नीति अगले कुछ दिनों में घोषित की जाएगी।

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