
31 दिसंबर 2026 तक 6 वर्ष पूरे करना अनिवार्य रहेगा. नई शिक्षा नीति के तहत यह निर्णय लिया गया है. नीति के अनुसार बच्चों के मानसिक विकास और सीखने की क्षमता को ध्यान में रखते हुए पहली कक्षा में प्रवेश के समय न्यूनतम आयु 6 वर्ष तय की गई है. शिक्षा क्षेत्र से जुड़े लोगों ने इस निर्णय का स्वागत किया है. प्रशासन ने सभी प्रकार की शालाओं – जिला परिषद स्कूल, नगर परिषद स्कूल, अनुदानित तथा निजी (अंग्रेजी माध्यम सहित) स्कूलों को कड़े निर्देश दिए हैं कि प्रवेश प्रक्रिया में नियमों का सख्ती से पालन किया जाए.
नियमों का उल्लंघन करने वाली शालाओं पर कार्रवाई की जा सकती है, शिक्षाविदों का मानना है कि बच्चों को खेलने की उम्र में खेलना चाहिए और उचित आयु व मानसिक परिपक्चता के बाद ही औपचारिक शिक्षा शुरु करनी चाहिए, ताकि वे अपने बचपन का वास्तविक आनंद ले सकें. अकोला जिले में वर्तमान में बड़ी संख्या में शासकीय और निजी विद्यालय संचालित हो रहे हैं, और आयु संबंधी इस नए नियम को देखते हुए प्रवेश प्रक्रिया का नियोजन पहले से ही शुरु कर दिया गया है.



